केजरीवाल-सिसोदिया को क्लीन चिट, गोपाल राय का केंद्र पर हमला, ‘सत्य पराजित नहीं हो सकता’
दिल्ली की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है... अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को अदालत से क्लीन चिट...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए.. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक.. अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत.. कुल 23 आरोपियों को दिल्ली शराब नीति मामले में पूरी तरह क्लीन चिट दे दी.. कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया.. और सभी आरोपियों को बरी कर दिया.. इस फैसले को AAP ने बड़ी जीत बताया है.. जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक साजिश का अंत मान रहे हैं.. गुजरात में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए AAP नेता गोपाल राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.. और गृह मंत्री अमित शाह पर फर्जी केस लगाने का सीधा आरोप लगाया.. और कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं…
आपको बता दें कि यह फैसला सिर्फ कानूनी नहीं.. बल्कि राजनीतिक रूप से भी बहुत बड़ा है.. बता दें कि सालों से चली आ रही इस केस ने AAP के कई बड़े नेताओं को जेल भेज दिया था.. अब कोर्ट ने साफ कहा कि नीति बनाने में कोई आपराधिक साजिश नहीं थी.. और कोई ठोस सबूत नहीं मिला.. बता दें नवंबर 2021 में AAP सरकार ने दिल्ली में नई एक्साइज पॉलिसी (शराब नीति) लागू की.. इसका मकसद पुरानी व्यवस्था को बदलना था.. जिसमें शराब का कारोबार माफिया के हाथ में था.. और सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा था.. नई नीति में शराब की दुकानों का लाइसेंस प्राइवेट कंपनियों को देने का प्रावधान था.. सरकार का दावा था कि इससे राजस्व बढ़ेगा.. भ्रष्टाचार कम होगा और आम आदमी को सस्ती और अच्छी शराब मिलेगी..
लेकिन जुलाई 2022 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार ने लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना को एक रिपोर्ट सौंपी.. इसमें नीति बनाने में कुछ प्रक्रियागत गड़बड़ियां बताई गईं.. रिपोर्ट के आधार पर लेफ्टिनेंट गवर्नर ने सीबीआई जांच की सिफारिश की.. अगस्त 2022 में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की.. आरोप था कि नीति कुछ खास शराब कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई.. लाइसेंस फीस कम की गई.. प्रॉफिट मार्जिन फिक्स किए गए.. और टेंडर के बाद नीति में बदलाव करके कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया.. जिसको लेकर सीबीआई का दावा था कि इससे सरकार को सैकड़ों करोड़ का नुकसान हुआ.. और कुछ लोगों को रिश्वत मिली..
इसके बाद ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया.. जांच में दावा किया गया कि AAP के कुछ नेता और बिचौलिए शामिल थे.. कुल 23 लोगों पर आरोप लगे.. जिनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, तेलंगाना की पूर्व बीआरएस नेता के. कविता, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली और कई अन्य शामिल थे.. इस दौरान AAP ने बार-बार कहा कि यह राजनीतिक साजिश है.. केजरीवाल और सिसोदिया जेल गए.. लेकिन पार्टी का काम जारी रहा.. कई बार जमानत मिली-गई, लेकिन केस लंबा खिंचता गया..
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) जितेंद्र सिंह ने सीबीआई की चार्जशीट पर 27 फरवरी को संज्ञान लेने से मना कर दिया.. और कोर्ट ने साफ कहा कि नीति में कोई बड़ी साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था.. केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं.. सिसोदिया और बाकी आरोपियों के खिलाफ कोई प्राइमा फेसी केस नहीं बनता है.. चार्जशीट में आंतरिक विरोधाभास हैं.. गवाहों के बयान पूरे नहीं है और सबूत कमजोर है.. सीबीआई ने पहले आरोपी को गवाह बनाने का गलत इस्तेमाल किया.. कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन है.. जज ने सीबीआई की जांच की आलोचना की.. और कहा कि कुछ फाइलें पढ़ते-पढ़ते लगता है.. फाइल खुद बोल रही है.. लेकिन सचाई नहीं निकल रही..
जिसके चलते कोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया.. इसमें केजरीवाल, सिसोदिया, के. कविता, विजय नायर आदि शामिल हैं.. यह फैसला डिस्चार्ज का है.. यानी ट्रायल शुरू होने से पहले ही केस खत्म हो गया.. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने कहा है कि वह दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेगी.. वहीं कोर्ट के फैसले के बाद केजरीवाल भावुक हो गए.. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया.. हम हमेशा कहते थे कि सच्चाई हमारे साथ है.. एक चुने हुए मुख्यमंत्री को घर से घसीटकर जेल भेज दिया गया.. हम पर कीचड़ उछाला गया.. लेकिन आज की जीत हुई.. मैं कट्टर ईमानदार हूं.. मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है..



