कानपुर किडनी कांड में बड़ा खुलासा! होटल से मिले अफजाल के सबूत
कानपुर किडनी कांड में बड़ा खुलासा, फरार दलाल अफजाल की होटल लोकेशन मिली। पुलिस ने रजिस्टर और दस्तावेज जब्त किए। जांच के दौरान होटल कर्मी की अभद्रता भी सामने आई। केस में कई आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: कानपुर का चर्चित किडनी कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला सिर्फ अवैध ट्रांसप्लांट नेटवर्क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम को और जटिल बना दिया है। पुलिस को फरार चल रहे मुख्य दलाल की गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं, वहीं जांच के दौरान एक होटल में हुए विवाद ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं
फरार दलाल अफजाल की तलाश में बड़ा सुराग
पुलिस जांच में सामने आया है कि किडनी कांड का आरोपी दलाल अफजाल अपने साथी अंकित और कथित किडनी डोनर पारुल तोमर के साथ कानपुर के कल्याणपुर स्थित एक होटल में रुका था। उसके साथ पारुल तोमर का पति और भाई भी मौजूद थे। यह ठहराव फरवरी की 21 और 22 तारीख को हुआ बताया जा रहा है। जांच कर रही टीम को यह जानकारी उस समय मिली, जब वह फरार आरोपी की लोकेशन और मूवमेंट को ट्रैक कर रही थी। पुलिस के अनुसार, यह जानकारी केस की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।
होटल में जांच के दौरान विवाद, रजिस्टर दिखाने से इनकार
मामले की विवेचना कर रहे अधिकारी जब होटल पहुंचे और फरवरी माह का रजिस्टर देखने की मांग की, तो होटल कर्मी ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि होटल मैनेजर ने न केवल रजिस्टर दिखाने से इनकार किया, बल्कि अतिरिक्त पुलिस बल के साथ आने की बात कहकर जांच में बाधा डाली। इस घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद क्षेत्र के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने जब्त किया रजिस्टर, मिले अहम दस्तावेज
अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने के बाद होटल में जांच दोबारा शुरू की गई। इस दौरान पुलिस ने होटल के रजिस्टर से कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। जांच में दलाल अफजाल, पारुल तोमर, उनके पति विकास तोमर, भाई दिव्यांग और साथी अंकित के ठहरने का रिकॉर्ड मिला। साथ ही आधार कार्ड और हस्ताक्षर जैसे साक्ष्य भी बरामद किए गए, जिन्हें अब केस की जांच में शामिल किया गया है।
कोर्ट में जमानत याचिका, पहचान पर सवाल
इस पूरे मामले में एक और अहम मोड़ तब आया, जब आरोपी अफजाल ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर खुद को फंसाए जाने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि असली आरोपी कोई और “डॉक्टर अफजाल” है। कोर्ट ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए विवेचक को तलब किया है और आरोपी की पहचान स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपनी दलील पेश करेगी।
25 हजार का इनाम, लगातार दबिश जारी
पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी।
किडनी कांड में अब तक कई गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक कई डॉक्टर, दलाल और तकनीकी स्टाफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसमें निजी अस्पतालों से जुड़े नाम भी सामने आए हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कानपुर किडनी कांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और कानून व्यवस्था की परीक्षा बन गया है। होटल में जांच के दौरान हुई अभद्रता से यह भी सवाल उठता है कि क्या कुछ लोग अब भी इस नेटवर्क को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट की सुनवाई और पुलिस की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि यह मामला अभी कई और बड़े खुलासों की ओर बढ़ रहा है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा



