नोएडा अस्पताल में बड़ा कांड! इंसानों के इलाज के लिए आ गईं ‘जानवरों वाली’ सिरिंज
नोएडा जिला अस्पताल में इंसानों के इलाज के लिए मंगाई गईं सिरिंज असल में जानवरों के उपयोग की निकलीं। पैकेट पर “For Animal Use Only” लिखे होने से मामला सामने आया। अस्पताल प्रशासन ने स्टॉक अलग कर जांच शुरू कर दी है।

4pm न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के नॉएडा से स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के जिला अस्पताल में ऐसी सिरिंज की सप्लाई पहुंच गई, जो असल में जानवरों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
अस्पताल प्रशासन ने इन्हें सामान्य चिकित्सा उपयोग के लिए मंगवाया था, लेकिन जब अस्पताल के कर्मचारियों ने पैकेट की जांच की तो पता चला कि इन पर साफ लिखा था “For Animal Use Only”। इस खुलासे के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे सामने आई इतनी बड़ी चूक
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सिरिंज की जरूरत को देखते हुए सरकारी प्रक्रिया के तहत खरीद की गई थी। यह खरीद Government e-Marketplace यानी जेम पोर्टल के जरिए की गई थी। जब सप्लाई अस्पताल पहुंची तो स्टाफ ने सामान्य जांच के दौरान पैकेट पर लिखी चेतावनी देखी। उस पर साफ लिखा था कि यह सिरिंज पशुओं के इलाज के लिए हैं। यहीं से शक पैदा हुआ और जब पूरे स्टॉक की जांच की गई तो मामला साफ हो गया कि अस्पताल में गलत सिरिंज भेज दी गई हैं।
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कहां हुई लापरवाही?
इस घटना के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई। सरकारी अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों की खरीद एक तय प्रक्रिया के तहत होती है। इसमें कई स्तर पर जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शामिल होती है। संभावना जताई जा रही है कि
- या तो ऑर्डर देते समय गलत प्रोडक्ट का चयन हुआ
- या सप्लाई एजेंसी ने गलत सामान भेज दिया
- या फिर वेरिफिकेशन के दौरान लापरवाही हुई
अगर हर स्तर पर सही तरीके से जांच होती, तो यह गलती पहले ही पकड़ में आ सकती थी।
कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
अस्पताल के कर्मचारियों की सतर्कता से यह मामला समय रहते पकड़ में आ गया। पैकेट पर “For Animal Use Only” लिखा देखकर स्टाफ को शक हुआ और उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अगर यह गलती समय पर सामने नहीं आती, तो इन सिरिंज का इस्तेमाल मरीजों के इलाज में हो सकता था। इससे संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य जोखिम पैदा होने की आशंका भी थी।
क्या बोले अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट
अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट अजय राणा ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने तय मानकों के अनुसार ही ऑर्डर दिया था। उनके मुताबिक, सप्लाई एजेंसी की तरफ से गलत सामान भेजा गया है। जैसे ही यह मामला सामने आया, पूरे स्टॉक को तुरंत अलग कर दिया गया और उसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
जिला अस्पताल जैसे बड़े सरकारी संस्थान में इस तरह की घटना सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है। यह सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि मेडिकल उपकरणों की खरीद और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और आगे ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए खरीद प्रक्रिया को और सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है।
अभी तक इस्तेमाल नहीं हुई थीं सिरिंज
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक राहत की बात यह है कि इन सिरिंज के पैकेट मरीजों के इस्तेमाल के लिए नहीं खोले गए थे। सिर्फ जांच के लिए स्टाफ की टीम ने डॉक्टरों की निगरानी में एक बॉक्स खोला था, जिससे यह गलती सामने आ गई। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है और संबंधित एजेंसी से भी जवाब मांगा गया है।
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