37 किलो सोना और 1100 एकड़ जमीन का दावा… अब कोर्ट में जवाब देंगे BJP विधायक करनैल सिंह

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भाजपा विधायक करनैल सिंह को आपराधिक मानहानि मामले में तलब किया है। यह मामला आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन की शिकायत पर दर्ज हुआ है, जिसमें टीवी डिबेट में लगाए गए आरोपों को लेकर अदालत ने सुनवाई का आदेश दिया है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक टीवी डिबेट में दिए गए बयान को लेकर अब मामला अदालत तक पहुंच चुका है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक करनैल सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार पाया है और उन्हें अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।

यह मामला आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की शिकायत पर दर्ज किया गया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पहली नजर में ऐसे सबूत मौजूद हैं जिनके आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।

टीवी डिबेट के बयान से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद पिछले साल 19 जनवरी को एक टीवी डिबेट के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा हुआ है। शिकायत के मुताबिक, उस कार्यक्रम में भाजपा विधायक करनैल सिंह ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। सत्येंद्र जैन का कहना है कि यह बयान उस समय दिया गया था जब 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार चल रहा था।

गौरतलब है कि उसी चुनाव में करनैल सिंह ने उत्तर दिल्ली की शकूरबस्ती सीट से चुनाव लड़ते हुए सत्येंद्र जैन को हराया था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया।

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37 किलो सोना और 1100 एकड़ जमीन का दावा

शिकायत में कहा गया है कि टीवी शो के दौरान करनैल सिंह ने दावा किया था कि प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate ने सत्येंद्र जैन के घर छापेमारी के दौरान 37 किलो सोना बरामद किया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जैन के पास करीब 1100 एकड़ जमीन है, जो कथित तौर पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से अर्जित धन से खरीदी गई है। सत्येंद्र जैन का कहना है कि ये आरोप पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं और इन्हें जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के लिए सार्वजनिक मंच पर दोहराया गया।

अदालत ने क्या कहा

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस पूरे प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और ईडी की प्रेस रिलीज का विस्तार से अध्ययन किया। अदालत ने पाया कि विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों का समर्थन ईडी के किसी आधिकारिक दस्तावेज या प्रेस नोट में नहीं मिलता।

जज ने अपने आदेश में यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से ऐसा प्रतीत होता है कि शिकायतकर्ता की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया हो सकता है। अदालत के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मानहानि का मामला चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

8 अप्रैल को अदालत में पेश होने का आदेश

मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भाजपा विधायक करनैल सिंह को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की है। अदालत ने उन्हें 8 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। इसके बाद आपराधिक मानहानि के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।

दिल्ली की राजनीति में बढ़ सकता है टकराव

अदालत के इस आदेश के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी इस फैसले को अपनी बात सही साबित होने के रूप में पेश कर सकती है, वहीं भाजपा की ओर से भी इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है। अब सबकी नजर 8 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी है, जब अदालत में इस मामले की आगे की दिशा तय होगी।

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