परिसीमन के नाटक से ध्यान भटका रही भाजपा: खरगे

  • भाजपा की उदासीनता से भारतीय किसान बुरी तरह पीडि़त हैं
  • कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा सरकार को घेरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय सरकार पर देश के ईंधन और उर्वरक आपूर्ति को सुरक्षित करने में विफल रहने और परिसीमन के नाटक के माध्यम से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत का ईंधन उत्पादन कम हो गया है, आयात विविधीकरण लडख़ड़ा गया है, और होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले 14 जहाज फंसे हुए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार पर ईंधन और उर्वरक सुरक्षा में दोहरी विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि कच्चे तेल और गैस उत्पादन में भारी गिरावट आई है।
उन्होंने सरकार पर परिसीमन जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज फंसे हुए हैं और किसान उर्वरक की कमी से जूझ रहे हैं। खरगे ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने परिसीमन के हथकंडों के जरिए अपनी विफलताओं और एपस्टीन फाइल के गंभीर आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इस दिखावे को भांप लिया। भाजपा देश के लिए ईंधन और उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करने में बुरी तरह विफल रही है। उर्वरक भंडार के बारे में उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल से पहले भी, कई मौसमों में उर्वरक की कमी की खबरें आ रही थीं। भाजपा की उदासीनता के दुष्परिणामों से भारतीय किसान बुरी तरह पीडि़त हैं! उन्होंने आगे कहा कि मार्च 2026 में उर्वरक उत्पादन पांच साल के निचले स्तर पर आ गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 24.6त्न की गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि चीन ने जुलाई 025 में ही विशेष उर्वरकों पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन मोदी सरकार ने आयात में विविधता लाने की जहमत नहीं उठाई। रूस ने भी अब उर्वरक निर्यात रोक दिया है। खरगे ने मार्दर्शक मंडल के सदस्य श्री मुरली मनोहर जोशी का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परोक्ष रूप से आलोचना की, जिन्होंने हाल ही में सुझाव दिया था कि भारत को विश्वगुरु की बयानबाजी बंद कर देनी चाहिए।

उत्पादन में आई गिरावट

खरगे ने आगे कहा कि उत्पादन में गिरावट आई है, आयात विविधीकरण विफल रहा है, होर्मुज जलडमरूमध्य में हमारे जहाजों को सुरक्षित मार्ग नहीं मिल पा रहा है। भारतीय ध्वज वाले 14 जहाज 54 दिनों से वहां फंसे हुए हैं। मोदी सरकार की वजह से भारत का कच्चा तेल उत्पादन 25-26 में लगातार 11वें वर्ष गिर रहा है। कुल कच्चे तेल उत्पादन में 2014-15 से लगभग 22त्न की गिरावट आई है। खरगे ने आगे बताया कि गैस उत्पादन में लगभग 4० प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 2011-12 में 47,555 मिलियन माइक्रोमीटर सेमी से गिरकर 2020-21 में 28,672 मिलियन माइक्रोमीटर सेमी हो गया है।

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