बीजेपी सरकार काट रही आम आदमी की जेब, पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, विपक्ष आग बबूला

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में महंगाई आसमान छू रही है। आम जनता का हाल बेहाल होता हुआ नजर आ रहा है, भाजपाई बस मंचों पर खड़े होकर जुमेबाजी कर रहे हैं। दरअसल इन दिनों बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर भाजपा सरकार सवालों के घेरे में है और जमकर आलोचना हो रही है।

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है, जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं। लगातार बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले शनिवार को भी पेट्रोल-डीजल के दाम में 87 से 91 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई थी।

वहीँ इस बढ़ते दामों को लेकर आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। वहीं इस बढ़ती कीमतों पर विपक्ष सत्ताधरी दल के खिलाफ जमकर आवाज़ उठा रहा है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे.

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को महंगाई मैन बताते हुए कहा लिखा, ‘महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला. पेट्रोल-डीजल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं- ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे.’ कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था. पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल रूपए 8 महंगा कर दिया. उन्होंने कहा कि ये बढ़त होती ही जाएगी. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है- चुनाव में वादे और बाकी समय जनता की जेब पर वार.

उधर दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी पेट्रोल की कीमतों को लेकर लिखा, “रहम कीजिए मोदी जी, आप रोज़ाना पेट्रोल-डीज़ल महंगा कर रहे हो, सैलरी किसी की बढ़ नहीं रही, नौकरी बची रहे यही ग़नीमत है! व्यापार सबके चौपट पड़े हैं आपके राज में. आप रोज़ाना तेल के दाम बढ़ा देते हो, इसके बाद दूध सब्ज़ी रोटी जैसी चीज़े रोज़ाना अपने आप महंगी हो जाती है.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा मोदी सरकार जनता को तिल तिल मार रही है, एक झटके में नहीं। पिछले 10 दिन में मोदी सरकार ने पैट्रोल और डीजल की क़ीमत 7.50 रुपये बढ़ा दी है।

दिल्ली में आज पैट्रोल सौ के पार हो गया।पैट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये। 15 मई: कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी 19 मई: पेट्रोल और डीज़ल के दाम में 90 पैसे की बढ़ोतरी 23 मई: पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल की कीमतों में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा और आज 25 मई को पेट्रोल 2.61 और डीजल 2.71 रेट बढ़ोतरी।

लेकिन इस बढ़ती महंगाई के बीच कुछ अंधभक्त ऐसे भी हैं जो मोदी-ंमोदी का नाम जप रहे हैं। और उन्हें इस दो-दो रूपए के बढ़ते दाम से कुछ फर्क पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। खैर ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

बढ़ती महंगाई पर विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। मुंबई में पेट्रोल की नई कीमत 111 रुपये पहुंचने पर शिवसेना (यूबीटी) नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने अंदाज में सरकार पर तंज कसा। साथ ही वैश्विक संकट के समय में देश की तेल कंपनियों को हो रही ताबड़तोड़ कमाई पर भी सवाल उठाया। पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘मुंबई में पेट्रोल की कीमत शगुन के 11 नंबर पर पहुंच गई है।

उन्होंने दावा किया कि अगले 24 घंटों में महानगरों में डीजल की कीमत 100 रुपये तक पहुंच सकती है।’ एक पोस्ट में उन्होंने तेल कंपनियों की हो रही ताबड़तोड़ कमाई पर सवाल उठाया। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘जनता का खून पीने के बाद, रिकॉर्ड तोड़ महंगाई के बाद, देश की तेल कंपनी रिकॉर्ड तिमाही प्रॉफिट डिक्लेयर कर रहीं हैं।’ सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘जनता त्रस्त, तेल कंपनियां मस्त।’

गौरतलब है कि इस बढ़ती कीमत को लेकर जनता की हालत खराब होती जा रही है इससे आम जनता पर भारी असर पड़ेगा। जो लोग रोज बस, ऑटो, टैक्सी या अपनी बाइक-कार से काम पर जाते हैं, उनके खर्चे सीधे बढ़ गए हैं। ट्रांसपोर्ट का खर्चा ज्यादा होने से किराने का सामान, सब्जी, दूध, दवा – सब महंगा हो जाएगा। ट्रक वाले डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, जो बाजार में हर चीज की कीमत पर असर डालेगा।

गरीब और मध्यम वर्ग के लोग पहले से महंगाई से परेशान हैं। अब तेल के दाम बढ़ने से उनका बजट बिगड़ रहा है।रसोई का खर्च पहले ही ज्यादा है। अब अगर ट्रांसपोर्ट महंगा हुआ तो आटा, चावल, सब्जी सब पर बोझ बढ़ेगा। गांव में किसान खेत की मशीनरी और सिंचाई के लिए डीजल इस्तेमाल करते हैं। उनका खर्च बढ़ेगा तो फसल की कीमत भी बढ़ेगी या उनकी आमदनी कम हो जाएगी।

बीजेपी सरकार पिछले कई साल से सत्ता में है। पहले कहा जाता था कि तेल की कीमतें कंट्रोल में हैं। लेकिन अब अचानक 4 साल बाद दाम बढ़ाए गए। लोग पूछ रहे हैं कि सरकार ने पहले क्यों नहीं तैयारी की? अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं (ईरान वाले इलाके में तनाव की वजह से), लेकिन क्या सरकार ने आम आदमी को बचाने के लिए कुछ कदम उठाए? एक्साइज ड्यूटी, वैट जैसी टैक्स कम करने की बात क्यों नहीं की गई?

सरकार कहती है कि तेल कंपनियां घाटा नहीं उठा सकतीं। लेकिन आम आदमी घाटा उठा रहा है। महंगाई कम करने का वादा किया गया था, लेकिन हर चीज महंगी हो रही है। पेट्रोल-डीजल पर टैक्स का बड़ा हिस्सा सरकार को जाता है। जब दाम बढ़ते हैं तो सरकार की आमदनी भी बढ़ती है। लोग कहते हैं कि यह आम आदमी की जेब काटकर खजाना भरने जैसा है।

बीजेपी सरकार से लोग उम्मीद करते हैं कि महंगाई पर काबू रखे। टैक्स कम करे, सब्सिडी दे या तेल कंपनियों को घाटा सहने का निर्देश दे। आम आदमी पहले से महंगाई, बेरोजगारी और कम आय से जूझ रहा है। तेल के दाम बढ़ने से उसकी रोटी-रोटी की लड़ाई और मुश्किल हो गई है।हर घर में चर्चा हो रही है कि बजट कैसे बनाए। मिडिल क्लास परिवार महीने के अंत में पैसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खर्च बढ़ रहा है। किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा परेशान हैं।

कुल मिलाकर भाजपाइयों को आम जनता की कुछ पड़ी नहीं है सबको अपनी जेब और अपना फायदा नजर आ रहा है। खैर इस बढ़ती कीमत से जनता परेशान हो चुकी है लेकिन मोदी के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

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