बांदा मेडिकल कॉलेज पर कांग्रेस का बड़ा हमला, मरीजों के शोषण के गंभीर आरोप
बांदा में कांग्रेस ने रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल पर भ्रष्टाचार, बाहरी दवाएं लिखने और निजी प्रैक्टिस के आरोप लगाते हुए डीएम को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी ने रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस का दावा है कि अस्पतालों में मरीजों को अनावश्यक आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है और कई स्तरों पर अनियमितताएं हो रही हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अस्पताल प्रशासन या प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने डीएम को सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन
मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में मरीजों के हित में पारदर्शी और जवाबदेह स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बाहरी दवाएं, निजी प्रैक्टिस और मरीजों के शोषण के आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ऑपरेशन से पहले मरीजों के परिजनों से 25 से 30 हजार रुपये तक की दवाएं और मेडिकल उपकरण बाहर से मंगवाए जाते हैं। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि सामान्य ओपीडी और इमरजेंसी में भी बाहरी दवाएं व जांच लिखी जाती हैं। कुछ डॉक्टरों पर सरकारी सेवा के साथ निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करने और मरीजों को निजी संस्थानों की ओर भेजने के भी आरोप लगाए गए हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने मेडिकल कॉलेज में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति, विभिन्न विभागों में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मरीजों को बेहतर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। फिलहाल ये आरोप कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए हैं। अब प्रशासन की जांच और संबंधित अधिकारियों के पक्ष पर सभी की नजर रहेगी।
रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा
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