पंजाब सीएम मान की इस्तीफे की मांग तेज

  • भाजपा समेत विपक्ष ने आप को घेरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, क्योंकि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब ने उन्हें गुरु-द्रोही और पंथ-विरोधी करार दिया है। मान ने जिस विवादित वीडियो को एआई-निर्मित बताकर खारिज किया था, उसकी फोरेंसिक जांच में दो मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं ने उसे असली पाया है, जिससे उनके पद पर बने रहने का नैतिक आधार कमजोर हो गया है। भाजपा समेत कई विपक्षी दलों ने इसको लेकर आप को घेरा है।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने बुधवार को कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। यह बात सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था, श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा एक विवादित वीडियो पर दिए गए फैसले के बाद कही गई है, इस वीडियो में कथित तौर पर सिख धर्म की सम्मानित हस्तियों और भावनाओं का अनादर किया गया है। चुघ ने याद दिलाया कि जब कई महीने पहले यह वीडियो पहली बार सामने आया था, तो मान ने इसे बनावटी बताते हुए खारिज कर दिया था और दावा किया था कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया है। वह श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सामने पेश हुए और चुनौती दी कि किसी सक्षम एजेंसी से इस वीडियो की जांच कराई जाए, क्योंकि यह नकली है। इस तरह मान ने अपनी विश्वसनीयता को उस जांच के नतीजे पर टिका दिया था। 15 जून को पंथिक हस्तियों, संस्थाओं और सिख संगठनों के साथ हुई बातचीत में सारी सच्चाई सामने आ गई। चुघ ने कहा कि वीडियो को देश की दो मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया और दोनों ने बिना किसी संदेह के यह निष्कर्ष निकाला कि वीडियो असली था, उसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई थी और वह एआई से नहीं बनाया गया था।

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