चैतर वसावा के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन, 24 जुलाई को नर्मदा में 1 लाख हस्ताक्षर अभियान
आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम... जो पहले 20 जुलाई को प्रस्तावित था... अब 24 जुलाई को आयोजित किया जाएगा...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः नर्मदा जिले के आदिवासी इलाकों में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.. आम आदमी पार्टी के लोकप्रिय आदिवासी नेता.. और पूर्व विधायक चैतर वसावा के समर्थन में एक बड़ा जनसमर्थन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.. यह कार्यक्रम पहले 20 जुलाई को प्रस्तावित था.. लेकिन अब इसे 24 जुलाई को आयोजित किया जाएगा.. इस कार्यक्रम के दौरान नर्मदा जिले से करीब 1 लाख हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे.. जिनके माध्यम से चैतर वसावा के प्रति जनता का समर्थन व्यक्त किया जाएगा.. इन हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति, गुजरात के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा..
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के संगठन सचिव निरंजन वसावा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है.. उनका कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं.. बल्कि आदिवासी समाज की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों तक पहुंचाने का प्रयास है..
चैतर वसावा गुजरात के नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के नेता रहे हैं.. वे आदिवासी समाज की मजबूत आवाज़ के रूप में पहचाने जाते हैं.. अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने वन अधिकार अधिनियम, मनरेगा मजदूरी, भूमि अधिग्रहण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार.. और आदिवासियों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमों जैसे मुद्दों को लगातार उठाया.. उनका दावा रहा है कि आदिवासी समाज को उसके संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए.. और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए..
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि आदिवासी अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करने की वजह से चैतर वसावा को झूठे मामलों में फंसाया गया.. अदालत द्वारा उन्हें सात वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई.. हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि वे निर्दोष हैं.. और यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है.. उनका मानना है कि आदिवासी समाज की आवाज बुलंद करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया..
चैतर वसावा गुजरात की नई पीढ़ी के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं.. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने डेडियापाड़ा सीट से उल्लेखनीय जीत दर्ज की थी.. चुनाव जीतने के बाद उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सक्रियता से काम किया.. और उन्होंने मनरेगा में कथित अनियमितताओं.. और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठाए.. उनके समर्थकों का कहना है कि इन्हीं मामलों को उजागर करने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई..
आम आदमी पार्टी का दावा है कि चैतर वसावा की बढ़ती लोकप्रियता से राजनीतिक विरोधी दल असहज थे.. पार्टी का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने के उद्देश्य से कानूनी कार्रवाई की गई.. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष इन दावों से असहमत हैं..
नर्मदा जिले में आम आदमी पार्टी की परिवर्तन सभाओं और स्थानीय चुनावों में चैतर वसावा की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है.. पार्टी का दावा है कि उनके नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्रों में संगठन मजबूत हुआ.. और बड़ी संख्या में विभिन्न दलों के कार्यकर्ता AAP से जुड़े.. जेल जाने के बाद भी उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है.. उनके अनुसार चैतर वसावा आज भी जल, जंगल.. और जमीन के अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक बने हुए हैं..
24 जुलाई को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण 1 लाख हस्ताक्षर अभियान होगा.. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से चैतर वसावा के समर्थन में हस्ताक्षर करा रहे हैं.. पार्टी का लक्ष्य एक लाख हस्ताक्षर एकत्र करना है.. इन हस्ताक्षरों के साथ तैयार ज्ञापन राष्ट्रपति, गुजरात के राज्यपाल.. और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा.. ज्ञापन में चैतर वसावा को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की जाएगी.. साथ ही आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा.. कथित झूठे मामलों की निष्पक्ष जांच तथा न्याय सुनिश्चित करने की अपील भी की जाएगी..



