किसानों से कथित ठगी मामले में ED की कार्रवाई, मोहाली SSP को समन
ED ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में किसानों से ठगी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत मोहाली SSP को समन भेजा गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ED ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में किसानों से ठगी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत मोहाली SSP को समन भेजा गया है.यह मामला किसानों की जमीन के बदले धोखाधड़ी और फर्जी से जुड़ा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सनटेक सिटी (Suntec City) प्रोजेक्ट में किसानों से ठगी के मामले में जांच तेज कर दी है. एजेंसी ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दफ्तर को समन जारी किया है.अधिकारियों के मुताबिक किसानों से जमीन के नाम पर हुई करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में समन जारी किया है.
ED की जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत चल रही है. मामला रियल एस्टेट प्रोजेक्ट सुनटेक सिटी से जुड़ा है, जिसमें कुछ किसानों के साथ उनकी जमीन के बदले मिलने वाली रकम को लेकर कथित धोखाधड़ी का आरोप है. जांच में यह भी सामने आया कि पंजाब सरकार से जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी सीएलयू प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी सहमति पत्र जमा किए गए थे.
ED ने मांगे दस्तावेज
जानकारी अनुसार केंद्रीय जांच एजेंसी ने समन जारी कर मामले से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है. SSP को 10 सितंबर को जालंधर स्थित ED कार्यालय में जरूरी दस्तावेजों के साथ पेश होने के लिए कहा गया है. सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कुछ किसानों के साथ कथित धोखाधड़ी के मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए ED समन जारी किया है.
रियल एस्टेट कारोबारी को किया था गिरफ्तार
इस मामले में ED ने मई में रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल को गिरफ्तार किया था सहगल इंडियन को ऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी (ICHBS) के सचिव रह चुके हैं.
एजेंसी की जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सीएलयू हासिल करने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है. मामले में अजय सहगल और अन्य लोगों के खिलाफ नवंबर 2022 में FIR दर्ज की गई थी. इसके बाद यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में CWP 9767/2022 के तहत पहुंचा.
पंजाब पुलिस ने दर्ज की थी FIR
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला पंजाब पुलिस की ओर से नवंबर 2022 में दर्ज की गई FIR से शुरू हुआ था. यह FIR उन किसानों की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिनका आरोप था कि सीएलयू हासिल करने के लिए उनकी सहमति को कथित तौर पर फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया.
पुलिस की जांच की जानकारी मांगी
ED ने PMLA की धारा 54 के तहत पुलिस द्वारा की गई जांच की जानकारी मांगी थी. इसके लिए ED ने 27 अगस्त, 29 अगस्त और 31 अगस्त 2026 को मोहाली SSP कार्यालय को पत्र भेजे थे. ED के मुताबिक, इन पत्रों के बावजूद SSP कार्यालय की तरफ से पुलिस जांच से जुड़ी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई.
SSP दफ्तर को भेजा समन
इसके अलावा, ED ने अपनी जांच में सामने आए नतीजे भी मोहाली SSP कार्यालय के साथ साझा किए थे. इसके लिए ED ने 1 जुलाई, 21 जुलाई, 14 अगस्त, 24 अगस्त और 25 अगस्त 2026 को पत्र और ईमेल भेजे.
ED का कहना है कि इन जानकारियों के बावजूद मोहाली SSP कार्यालय की ओर से नए अपराधों के संबंध में FIR दर्ज करने को लेकर अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है. इसी मामले में अब ED ने मोहाली SSP दफ्तर को 10 सितंबर को जानकारी और संबंधित रिकॉर्ड के साथ पेश होने का समन जारी किया गया है.



