गुजरात में चुनावी संग्राम तेज! Rahul के बाद Arvind Kejriwal-Bhagwant Mann की एंट्री, क्या बदलेगा खेल?

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है... राहुल गांधी के वडोदरा दौरे के बाद... अब अरविंद केजरीवाल...

4 पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति इन दिनों पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है.. राज्य में स्थानीय निकाय यानी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, जिला पंचायतों.. और तहसील पंचायतों के चुनाव होने वाले हैं.. ये चुनाव सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं.. बल्कि पूरे राज्य की राजनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.. क्योंकि ये 2027 के विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल की तरह देखे जा रहे हैं.. वहीं अभी तक गुजरात में भाजपा का मजबूत कब्जा रहा है.. लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है.. कांग्रेस भी वापसी की कोशिश में है.. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य होने के कारण केंद्र की सत्ता भी इस पर नजर रखे हुए है..

जानकारी के मुताबिक राज्य चुनाव आयोग ने इन चुनावों की तैयारी लगभग पूरी कर ली है.. कुल 394 स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं.. इनमें 15 नगर निगम, 83 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें.. और 262 तहसील पंचायतें शामिल हैं.. ये आंकड़े राज्य चुनाव आयोग और विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार हैं.. वहीं ये चुनाव इसलिए खास हैं.. क्योंकि पहली बार इनमें 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू हो रहा है.. इससे पहले यह सिर्फ 10 प्रतिशत था.. साथ ही.. महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं.. एससी और एसटी सीटों का रोटेशन भी तीसरी बार हो रहा है.. इससे कई पुराने पार्षद और सदस्यों को अपनी सीट छोड़नी पड़ सकती है.. इससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं..

पिछले कुछ दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.. कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने 23 मार्च को वडोदरा का दौरा किया.. वहां उन्होंने आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन में भाग लिया.. आदिवासी इलाकों के मुद्दों पर चर्चा की और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.. कांग्रेस के गुजरात प्रभारी अमित चावड़ा के नेतृत्व में पार्टी इस दौरे को अपनी तैयारी का हिस्सा मान रही है.. राहुल के दौरे के ठीक बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल.. और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुजरात पहुंच गए.. उनका तीन दिन का दौरा 24 मार्च से शुरू हुआ..

आपको बता दें कि आप ने चुनावी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है.. पार्टी ने पहले चरण में 455 से 460 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है.. इनमें 155 नगर निगमों के लिए.. 108 जिला पंचायतों के लिए.. 142 तहसील पंचायतों के लिए.. और 50 नगर पालिकाओं के लिए उम्मीदवार हैं.. आप का ऐलान है कि वह राज्य के कुल लगभग 12,000 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगी.. गुजरात आप अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने साफ कहा है कि.. उम्मीदवार आम आदमी हैं.. उन्होंने भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि अब बाप-बेटे की राजनीति खत्म हो गई.. आम लोगों की राजनीति शुरू हो गई है.. पहले भाजपा के सांसदों, करोड़पतियों के बेटों को टिकट मिलता था.. आम कार्यकर्ता को मौका नहीं मिलता था.. आप ने आम लोगों को मौका दिया है..

वहीं केजरीवाल और मान का दौरा सिर्फ रैली तक सीमित नहीं है.. वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं.. उम्मीदवारों की समीक्षा कर रहे हैं.. और गरीब, वंचित, आदिवासी इलाकों के मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं.. अमरेली रैली को आप ने बहुत बड़ा बनाया है.. पार्टी का कहना है कि यह रैली गुजरात को भाजपा की गुलामी और भ्रष्टाचार से मुक्त कराने का संदेश देगी.. आप की यह रणनीति पहली बार गुजरात के स्थानीय चुनावों में इतनी बड़ी है.. पहले आप ने सीमित सीटों पर चुनाव लड़ा था..

दूसरी तरफ, भाजपा भी तैयार है.. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की जोड़ी की यह पहली बड़ी परीक्षा है.. भाजपा लंबे समय से गुजरात में स्थानीय निकायों पर काबिज रही है.. लेकिन इस बार ओबीसी आरक्षण और सीट रोटेशन से कुछ सीटें प्रभावित हो सकती हैं.. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात आने वाले हैं.. उनका एक दिन का दौरा है.. वे नवनिर्मित वाव-थराद जिले में जनसभा को संबोधित करेंगे.. साथ ही गांधीनगर में जैन आचार्य पद्म सागर सूरिश्वर महाराज के विशेष संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे.. वहीं यह दौरा उत्तर गुजरात और आसपास के इलाकों में भाजपा की चुनावी तैयारियों को बूस्ट देगा..

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार.. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 26 मार्च को होने की संभावना है.. विधानसभा का बजट सत्र 25 मार्च को खत्म हो रहा है.. उसके बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो जाएगा.. मतदाता सूची का मसौदा पहले ही जारी हो चुका है.. 27 मार्च तक आपत्तियां और दावे स्वीकार किए जा रहे हैं.. उसके बाद अंतिम सूची घोषित होगी.. सामान्य रूप से घोषणा.. और चुनाव के बीच 10 दिन का अंतर होता है.. लेकिन सूत्र कहते हैं कि अप्रैल के पहले सप्ताह में पूरा शेड्यूल आ सकता है.. मतदान मई के पहले हफ्ते में होने की उम्मीद है.. और 15 मई तक पूरी प्रक्रिया खत्म कर ली जाएगी..

आपको बता दें कि ये चुनाव 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल माने जा रहे हैं.. गुजरात में 182 विधानसभा सीटें हैं.. अगर स्थानीय चुनावों में कोई पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है.. तो 2027 में उसका फायदा हो सकता है.. ओबीसी आरक्षण का असर खासतौर पर देखा जाएगा.. गुजरात में ओबीसी आबादी काफी है.. 27 प्रतिशत आरक्षण से नए चेहरे आएंगे.. महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी से भी चुनावी माहौल बदलेगा..

आप की रणनीति पर नजर डालें तो पार्टी ने उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता बरती है.. आम लोगों को टिकट दिए गए हैं.. केजरीवाल और मान का दौरा पार्टी को ऊर्जा देगा.. अमरेली रैली के बाद वे अन्य जिलों में भी जाएंगे.. जिसको लेकर पार्टी का कहना है कि गुजरात बदलाव चाहता है.. भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर हमला बोला जाएगा..

भाजपा की तरफ से विकास का मुद्दा उठाया जाएगा.. पिछले वर्षों में गुजरात में कई योजनाएं चली हैं.. सड़क, पानी, बिजली, उद्योग सबमें प्रगति हुई है.. मोदी का दौरा इसी को हाइलाइट करेगा.. नए जिले वाव-थराद का दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है.. क्योंकि वहां भाजपा की पकड़ मजबूत करने की जरूरत है.. जगदीश विश्वकर्मा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी संगठन को नई दिशा दे रहे हैं..

वहीं कांग्रेस की स्थिति थोड़ी कमजोर रही है.. लेकिन राहुल गांधी के दौरे से कार्यकर्ताओं में उत्साह है.. अमित चावड़ा लगातार मैदान में हैं.. पार्टी आदिवासी बहुल क्षेत्रों में फोकस कर रही है.. स्थानीय निकाय चुनावों का इतिहास देखें तो गुजरात में ये हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं.. 2015-16 और  2020-21 में हुए चुनावों में भाजपा ने बहुमत हासिल किया था.. लेकिन इस बार माहौल अलग है.. आप की एंट्री ने त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है.. जहां-जहां आप मजबूत है.. वहां वोट बंट सकता है..

 

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