फारूक ने की ईरान पर हुए हमले की निंदा

  • तीसरे विश्व युद्ध की दी चेतावनी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को दूसरे राष्ट्र पर अपना नियंत्रण थोपने का अधिकार नहीं है। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने भारत सरकार से ईरान-इजरायल संघर्ष पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी पर जोर दिया। अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा कि ईरान एक स्वतंत्र देश है और अमेरिका द्वारा उस पर हमला करना गलत है। उन्होंने वेनेजुएला का भी उदाहरण दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस युद्ध का प्रभाव आने वाले दिनों में दुनिया भर में महसूस किया जा सकता है। यह स्थिति एक बड़े वैश्विक संघर्ष, संभवत: तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि स्थिति को जिम्मेदारी से संभाला जाना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समुदाय में गुस्से का जिक्र किया लेकिन शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर जोर दिया। कश्मीर घाटी में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। बाद में श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिका ईरान पर कब्जा करना चाहता है, जिसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। फारूक अब्दुल्ला ने इस संघर्ष के व्यापक परिणामों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि यह युद्ध कुछ बड़ा रूप ले सकता है। अंतत: यह एक तीसरे विश्व युद्ध का कारण बन सकता है। उन्होंने इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेने का आह्वान किया। अब्दुल्ला ने कहा कि इस मामले को जिम्मेदारी से निपटाया जाना चाहिए।

फंसे कश्मीरी छात्रों की वापसी के प्रयास

ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों के बारे में पूछे जाने पर फारूक अब्दुल्ला ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। छात्रों को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्हें भूमि मार्गों से निकालकर फिर उड़ानों द्वारा वापस लाया जाएगा।

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