राज्यसभा उपसभापति पद पर हरिवंश की हैट्रिक, निर्विरोध चुने गए

हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं, और इस बार भी उन्होंने निर्विरोध जीत हासिल की है।

4pm न्यूज नेटवर्क: हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं, और इस बार भी उन्होंने निर्विरोध जीत हासिल की है।

यह लगातार तीसरी बार है जब हरिवंश को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो उनके अनुभव, निष्पक्षता और संसदीय कार्यों में उनकी दक्षता को दर्शाता है।

राज्यसभा में आज का दिन खास रहा, जब सदन की कार्यवाही के दौरान उपसभापति पद के लिए हरिवंश के नाम पर सहमति बनी। किसी अन्य सदस्य द्वारा नामांकन न होने के कारण उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ। जैसे ही यह घोषणा की गई, सदन में मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया गया।

सदन के नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजीजू ने हरिवंश को उनके आसन तक पहुंचाया। इस दौरान सदन का माहौल गरिमामय और उत्साहपूर्ण नजर आया।

अपने संबोधन में हरिवंश ने सभी दलों के सांसदों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पद केवल जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने का दायित्व भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे निष्पक्षता के साथ सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का समान अवसर देंगे।

हरिवंश का राजनीतिक और पत्रकारिता का लंबा अनुभव रहा है। वे पहले भी अपनी सादगी, संयम और संतुलित संचालन के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्यसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की उम्मीद जताई जा रही है।

सदन के विभिन्न दलों के नेताओं ने भी हरिवंश को बधाई दी और उनके कार्यकाल के सफल होने की कामना की। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब संसद के दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा होनी है।

इस तरह, हरिवंश का तीसरी बार उपसभापति बनना न केवल उनके प्रति विश्वास को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि संसद में उनके अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण की व्यापक स्वीकृति है।

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