बांदा मेडिकल कॉलेज में बवाल: आरोपी डॉक्टर के समर्थन में गेट बंद, 2 घंटे तक मरीज बिना इलाज लौटे
बांदा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के प्रदर्शन से गेट 2 घंटे तक बंद रहे। मरीजों को भारी परेशानी हुई। बच्ची के इलाज में लापरवाही के आरोप में डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज।

4pm न्यूज नेटवर्क: बांदा मेडिकल कॉलेज में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब अस्पताल के गेट अचानक बंद कर दिए गए। अंदर डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे थे और बाहर मरीज इलाज के लिए भटक रहे थे। एक बच्ची के इलाज में लापरवाही के आरोप से शुरू हुआ मामला अब बड़े विवाद में बदल गया है।
आरोपी डॉक्टर के समर्थन में प्रदर्शन, गेट किए गए बंद
बांदा मेडिकल कॉलेज में 5 वर्षीय बच्ची के इलाज में लापरवाही के आरोप में डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद डॉक्टरों और स्टाफ ने जोरदार प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने आरोपी के समर्थन में मेडिकल कॉलेज के सभी गेट बंद कर दिए, जिससे अस्पताल की पूरी व्यवस्था ठप हो गई। यह प्रदर्शन करीब 2 घंटे तक चला।
मरीजों को भारी परेशानी, कई लौटे बिना इलाज
गेट बंद होने की वजह से इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ लोग मेडिकल कॉलेज परिसर के अंदर ही फंसे रहे। अचानक हुई इस स्थिति ने पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया।
बच्ची के पैर काटने का मामला बना वजह
यह पूरा विवाद 5 साल की बच्ची के इलाज से जुड़ा है। आरोप है कि इलाज में लापरवाही की वजह से बच्ची का पैर काटना पड़ा। इसी मामले में डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद मेडिकल प्रशासन ने उन्हें बर्खास्त कर दिया।
बर्खास्तगी के विरोध में उतरे डॉक्टर
डॉक्टर विनीत सिंह की बर्खास्तगी के विरोध में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और कर्मचारी एकजुट हो गए। उन्होंने गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया और कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल की सामान्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। मीडिया से बातचीत में डॉक्टर विनीत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया। उनका कहना है कि बिना उनकी बात सुने और बिना निष्पक्ष जांच के ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद खुला मामला
करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन और प्रिंसिपल ने हस्तक्षेप किया। समझाने के बाद डॉक्टरों ने प्रदर्शन खत्म किया और गेट दोबारा खोल दिए गए। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो सकी।
रिपोर्ट -इक़बाल खान
रह भी पढ़ें: बांदा में सनसनी: नहाते समय पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या, बेटी लौटी तो खून से लथपथ मिली मां



