गोरखपुर में हाईटेक हुई जमीन की पैमाइश, सैटेलाइट तकनीक से मिली बड़ी राहत

गोरखपुर में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने रोवर तकनीक से हो रही भूमि पैमाइश का निरीक्षण किया। सैटेलाइट आधारित यह तकनीक जमीन की सटीक और पारदर्शी पैमाइश सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राजस्व विभाग में आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच अब भूमि पैमाइश पहले से अधिक सटीक और पारदर्शी हो रही है। इसी क्रम में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने तहसील सदर के जंगल औराही गांव में रोवर तकनीक से की जा रही पैमाइश का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें नई प्रणाली की कार्यप्रणाली और इसके लाभों की जानकारी दी।

सैटेलाइट तकनीक से होती है सटीक पैमाइश

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की सभी तहसीलों को रोवर उपकरण उपलब्ध कराए हैं। इस तकनीक में पहले सैटेलाइट की मदद से फिक्स प्वाइंट निर्धारित किया जाता है। इसके बाद अभिलेखों और नक्शे के आधार पर पूरे चक की सटीक पैमाइश की जाती है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाती है।

पेड़, पानी और ऊबड़-खाबड़ जमीन भी नहीं बनती बाधा

अधिकारियों के अनुसार रोवर तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पैमाइश के दौरान पेड़, इमारत, खेत में भरा पानी या असमतल जमीन जैसी बाधाएं परिणामों को प्रभावित नहीं करतीं। साथ ही पूरी पैमाइश का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिसका उपयोग भविष्य में भी किया जा सकता है।

तकनीक के अधिक उपयोग के दिए निर्देश

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने राजस्व अधिकारियों को रोवर तकनीक का अधिकतम उपयोग करने और इसके संचालन में दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार एवं डिप्टी कलेक्टर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव, राजस्व निरीक्षक विनय श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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