इस्तीफा मंजूर न हुआ तो कोर्ट जाएंगे: पूर्व PCS अलंकार अग्निहोत्री ने राम मंदिर निर्माण पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार न होने पर वह कोर्ट जाएंगे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। बरेली मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे से जुड़े मामले में बयान दर्ज कराया और स्पष्ट किया कि वह अपने निर्णय पर आज भी अडिग हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं करता तो वह न्यायालय का रुख करेंगे।
इस्तीफे पर अडिग, कोर्ट जाने की दी चेतावनी
26 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उनका निर्णय व्यक्तिगत और नैतिक आधार पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि शासन की ओर से इस्तीफा लंबित रखा जाता है या स्वीकार नहीं किया जाता, तो वह कानूनी विकल्प अपनाएंगे। उनके अनुसार, वह इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखेंगे।
राम मंदिर निर्माण को लेकर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व अधिकारी ने राम मंदिर निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य में हजारों करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी हुई है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जांच सभी संबंधित स्तरों तक पहुंचनी चाहिए।
समाज सेवा के लिए नए संगठन की घोषणा
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि अब वह सरकारी सेवा से अलग होकर समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने “राम” के नाम से एक सामाजिक संगठन बनाने की घोषणा भी की। उनके अनुसार, इस संगठन का उद्देश्य सामाजिक कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करना होगा।
पूर्व अधिकारी के इन बयानों के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल उनके आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
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