बेशर्मी से पद पर बने हुए हैं अक्षम शिक्षा मंत्री

  • जयराम रमेश बोले- इतने सबूत के बाद भी प्रधान को क्यों बचा रहे पीएम मोदी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अक्षमता के बावजूद पद पर बने रहने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके बचाव पर तीखा हमला बोला है। रमेश ने सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और तकनीकी खामियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए छात्रों के बढ़ते असंतोष पर चिंता व्यक्त की। यह बयान शिक्षा मंत्रालय में उच्च स्तर पर जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर अपने हमले तेज करते हुए कहा कि अक्षमता के लगातार सबूत सामने आने के बावजूद मंत्री बेशर्मी से अपने पद पर बने हुए हैं।
रमेश ने एक पोस्ट में सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितताओं की कई रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मोदी लगातार विफलताओं के बावजूद शिक्षा मंत्री को बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीबीएसई के नेतृत्व में भले ही फेरबदल हो गया हो, लेकिन मंत्री प्रधान अपने मंत्रालय की अक्षमता और भ्रष्टाचार के सबूतों के सामने आने के बावजूद बेशर्मी से अपने पद पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस नेता ने बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में पारदर्शिता की कमी का दावा किया और आरोप लगाया कि सीबीएसई अधिकारी खरीद प्रक्रिया के संबंध में शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने में असमर्थ रहे। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों से हमें पता चला है कि सीबीएसई दिग्विजय सिंह की शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति द्वारा ओएसएम की खरीद के संबंध में उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दे सका।

ट्रायल रन में भाग लेने वाले कई प्रतिभागियों ने सिस्टम में खामियों को किया उजागर

उन्होंने कहा कि सीबीएसई द्वारा अपने ओएसएम सिस्टम के ट्रायल रन की जांच से पता चला कि ट्रायल रन में भाग लेने वाले कई प्रतिभागियों ने सिस्टम में खामियों को उजागर किया और सीबीएसई से अनुरोध किया कि जब तक सभी खामियां दूर नहीं हो जातीं और सभी मूल्यांकनकर्ताओं को प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, तब तक इसे लागू करने में देरी की जाए। सीबीएसई ने न केवल ओएसएम को लागू करने में देरी करने की इस समझदारी भरी सलाह को नजरअंदाज किया, बल्कि प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए कई विशिष्ट मुद्दों को हल करने में भी विफल रहा।

Related Articles

Back to top button