जंग की आग में धधक रहा मिडिल ईस्ट, अलर्ट पर भारत के एयरपोर्ट
ईरान-इजराइल जंग से इंटरनेशनल एयर ऑपरेशन प्रभावित है. भारत ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की समीक्षा बैठक में यात्री सुरक्षा पर जोर दिया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ईरान-इजराइल जंग से इंटरनेशनल एयर ऑपरेशन प्रभावित है. भारत ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की समीक्षा बैठक में यात्री सुरक्षा पर जोर दिया.
एयरपोर्ट्स अलर्ट पर हैं. उधर, ईरान में फंसे भारतीय छात्र ने उन्हें निकालने की अपील कर रहे हैं. सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
मिडिल ईस्ट में भीषण जंग छिड़ चुकी है. ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार किया है. इससे अब दोनों से लगातार भीषण हमले हो रहे हैं. इसको देखते हुए भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री ने राम मोहन नायडू ने समीक्षा बैठक की, जिसमें इंटरनेशल एयर ऑपरेशनंस पर इस जंग के असर पर चर्चा हुई. बैठक में सभी हितधारक शामिल हुए. देश भर के एयरपोर्ट्स खास तौर पर इंटरनेशनल गेटवे को संभावित फ्लाइट डायवर्जन, अनप्लांड लैंडिंग और यात्री की सुविधा संबंधी जरूरतों के मैनेजमेंट के लिए ऑपरेशन अलर्ट पर रखा गया है.
समीक्षा बैठक में कुछ हिस्सों में जारी किए गए कई हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों और नोटाम (नोट-ऑन-अलार्म) के मद्देनजर यात्री सुरक्षा, परिचालन निरंतरता और वास्तविक समय समन्वय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया. एक बयान में कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में, जिसमें देश के एयरक्राफ्ट कैरियर या विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिक शामिल हों, उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय विदेश मंत्रालय के संपर्क में है.
हमें नहीं पता कि आगे क्या होने वाला है
बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मिडिल ईस्ट में हैं. इसमें बड़ी संख्या में ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं. ईरान-इजराइल जंग के बीच तेहरान में एक भारतीय स्टूडेंट ने केंद्र सरकार से तुरंत इवैक्युएशन की रिक्वेस्ट की है. छात्रा ने कहा, मैं भारतीय स्टूडेंट हूं और अभी तेहरान में हूं. यहां के हालात बहुत खराब हैं. हमें नहीं पता कि आगे क्या होने वाला है.
प्लीज हमें जल्दी यहां से निकाल लें
छात्रा ने आगे कहा, हम बहुत शुक्रगुजार हैं कि सरकार और विदेश मंत्रालय हमारी सेफ्टी के बारे में बातचीत कर रहे हैं लेकिन ऐसे समय में स्पीड बहुत मायने रखती है. मैं ठीक से बोल भी नहीं पा रही हूं क्योंकि एयरस्ट्राइक हो रही है. प्लीज हमें जल्द से जल्द यहां से निकाल लें.
अभी तक इन छात्रों को वहां से निकालने की अभी तक कोई योजना का ऐलान नहीं हुआ है. इसकी एक वजह ये भी है कि यहां एयरस्पेस अभी बंद है. एअर इंडिया और इंडिगो पहले ही मिडिल ईस्ट से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें निलंबित कर चुकी है.



