प्राइवेट स्कूलों को राहत, दिल्ली HC ने पिछली साल की फीस वसूलने की दी अनुमति
दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों में SLFRC गठन के दिल्ली सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों में SLFRC गठन के दिल्ली सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है.
अब स्कूल 2026-27 में वही फीस लेंगे जो उन्होंने पिछले शैक्षणिक वर्ष में वसूली थी. कोर्ट ने कहा कि फिलहाल कमेटी बनाने की जरूरत नहीं. कोर्ट 12 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार (28 फरवरी) को निजी स्कूलों को स्कूल स्तरीय फीस विनियमन समिति (SLFRC) गठित करने संबंधी जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतरिम फैसला सुनाया. कोर्ट ने SLFRC गठित करने के दिल्ली सरकार के आदेश के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट स्कूल शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए वही फीस लेंगे जो उन्होंने पिछले शैक्षणिक वर्ष में वसूले थे.
हाईकोर्ट ने फैसले में कहा है कि निजी स्कूलों को फीस निर्धारण के लिए फिलहाल कमेटी गठन करने की आवश्यकता नहीं है. दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने यह फैसला सुनाया है.कोर्ट 12 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. तब तक स्कूलों को कमेटी बनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. कोर्ट के फैसले से साफ है कि प्राइवेट स्कूल 2026-27 में स्कूल वही फीस लेंगे जो 2025-26 में वसूल रहे हैं.
SLFRC का गठन स्थगित रहेगा
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने कहा सरकार के फैसले को चुनोती देनेवाली याचिकाओं के लंबित रहने के दौरान SLFRC का गठन स्थगित रहेगा. बेंच ने कहा कि स्कूल शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए वही शुल्क वसूलने के हकदार होंगे जो उन्होंने पिछले शैक्षणिक वर्ष में वसूले थे. बेंच ने कहा कि किसी भी प्रकार की अत्यधिक फीस को कानून के अनुसार विनियमित किया जाएगा.
10 दिन के SLFRC गठित करने का निर्देश
बेंच ने यह आदेश कई स्कूल संघों की याचिकाओं पर पारित किया. इन याचिकाओं में दिल्ली सरकार द्वारा एक फरवरी को जारी अधिसूचना पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसमें स्कूलों को 10 दिन के अंदर SLFRC (स्कूल लीडरशिप कमेटी) गठित करने का निर्देश दिया गया था.
सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा
वहीं इस मामले पर आम आदमी पार्टी के नेता और पार्टी के दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि प्राइवेट स्कूल के मालिकों और बीजेपी की दिल्ली सरकार के बीच सांठगांठ आज हाईकोर्ट में फिर से उजागर हो गई. उन्होंने कहा कि इससे पहले बीजेपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया था कि उनका “प्राइवेट फीस एक्ट” 2025-26 के लिए बढ़ाई गई प्राइवेट स्कूल फीस पर लागू नहीं होगा. अब हाई कोर्ट में, इस एक्ट को आगामी सत्र 2026-27 के लिए भी लागू कर दिया गया है.
AAP नेता ने कहा कि इसका सीधा मतलब यह है कि अप्रैल 2025 में अधिकांश स्कूलों द्वारा की गई अत्यधिक फीस वृद्धि को वापस नहीं लिया जाएगा. अब मध्यम वर्ग के अभिभावकों को बढ़ी हुई फीस चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही कहते आ रहे हैं कि यह एक्ट एक उपयोगी कानून है जिसे प्राइवेट स्कूल मालिकों के पक्ष में लाया गया है. इस सरकार ने अभिभावकों या अभिभावक संघों से कोई राय लिए बिना पूरी तरह से गुप्त रूप से यह एक्ट बनाया। इस बिल पर जनता की कोई राय नहीं ली गई.



