जन्मदिन नहीं जनविश्वास का जलसा

  • सरोजनीनगर में आभार दिवस बना विकास और जनसंपर्क का महापर्व
  • डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में डिजिटल एजुकेशन, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरोजनीनगर ने बढ़ाया एक और कदम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ की सियासत में अक्सर जन्मदिन केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर रह जाते हैं लेकिन इस बार सरोजनीनगर में जो दृश्य देखने को मिला उसने राजनीतिक आयोजनों के मायने ही बदल दिए। जब विधायक राजेश्वर सिंह के आवास पर आभार दिवस का आयोजन हुआ तो यह सिर्फ जन्मदिन की रस्म नहीं रहा बल्कि जनभागीदारी विकास और राजनीतिक संवाद का एक बड़ा मंच बन गया। सेक्टर-के आशियाना स्थित उनके आवास पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमडऩी शुरू हो गई थी और देखते-देखते यह संख्या दस हजार से भी पार पहुंच गई। देर रात तक शुभकामनाओं का सिलसिला चलता रहा और पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल बना रहा।
इस आयोजन की खासियत यह रही कि इसे केवल उत्सव तक सीमित नहीं रखा गया बल्कि विधायक राजेश्वर सिंह ने इसे विकास योजनाओं की नई शुरुआत के साथ जोड़ा। मंच से कई ऐसी पहलें सामने आईं जिनका सीधा संबंध शिक्षा, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण से है। इसी क्रम में तीन नए आरबीएस डिजिटल एजुकेशन एंड यूथ एम्पावरमेंट सेंटर का लोकार्पण किया गया। इन सेंटरों के जरिए युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल स्किल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण देने की योजना है। पहले से स्थापित 14 सेंटरों के साथ यह पहल अब सरोजनीनगर में डिजिटल शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

43 स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज

शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछले चार वर्षों की उपलब्धियों को सामने रखा गया। विधायक राजेश्वर सिंह के प्रयासों से क्षेत्र के 43 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस शुरू की जा चुकी हैं। डिजिटल कंटेंट और आधुनिक तकनीक के जरिए पढ़ाई का यह माडल अब धीरे-धीरे सरोजनीनगर के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में नई पहचान बना रहा है। इसी कड़ी में मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए 25 विद्यार्थियों को लैपटॉप और 50 छात्रों को साइकिल दी गई। अब तक लगभग 1700 से अधिक विद्यार्थियों को इस प्रकार सम्मानित किया जा चुका है। कार्यक्रम में सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। सेफ सरोजनीनगर कैंपेन के तहत एक हजार हेलमेट वितरित किए गए। इसका उद्देश्य युवाओं को सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि विकास केवल इमारतों और योजनाओं का नाम नहीं बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और जिम्मेदारी से भी जुड़ा होता है।

जनता के विश्वास और सहयोग की कहानी है सरोजनी नगर

कार्यक्रम के अंत में विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों की यह यात्रा केवल उपलब्धियों का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सहयोग की कहानी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका लक्ष्य सरोजनीनगर को उत्तर प्रदेश के सबसे विकसित और सशक्त विधानसभा क्षेत्रों में शामिल करना है, जहां शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण समान रूप से आगे बढ़ें। कुल मिलाकर यह आयोजन एक राजनीतिक जन्मदिन से कहीं ज्यादा बड़ा साबित हुआ। यह ऐसा मंच बन गया जहां जनप्रतिनिधि और जनता आमने-सामने थे विकास की योजनाएं सामने थीं और भविष्य की दिशा तय करने का संवाद भी। सरोजनीनगर की राजनीति में आभार दिवस ने यह संदेश जरूर दिया कि अगर राजनीति में जनसंपर्क और विकास साथ-साथ चलें तो उत्सव भी जनभागीदारी का उत्सव बन सकता है।

वृक्षारोपण अभियान से की शुरुआत

पर्यावरण संरक्षण को भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। जन्म दिन के अवसर पर कदंब के पौधे लगाकर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गयी और नेट-जीरो सरोजनीनगर के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की बात कही। इसके तहत क्षेत्र में बड़े स्तर पर पौधारोपण की योजना तैयार की जा रही है। इसी के साथ युवाओं को खेल और सामाजिक गतिविधियों से जोडऩे के लिए 10 नए यूथ क्लब स्थापित करने की घोषणा भी की गई। पहले से मौजूद 282 स्पोर्ट्स क्लबों के साथ यह पहल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश मानी जा रही है। स्थानीय सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी कुछ घोषणाएं की गईं। क्षेत्र के पांच मंदिरों में हैंडपंप लगाने की घोषणा के साथ यह जानकारी दी गई कि अब तक 360 हैंडपंप स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा दो सौ से अधिक मंदिरों में सोलर लाइट, बैठने की व्यवस्था और मरम्मत कार्य भी कराया गया है। कार्यक्रम के दौरान विधायक राजेश्वर सिंह ने गौरी स्थित एक वृद्धाश्रम में राशन वितरित कर अन्नदान भी किया जिससे आयोजन को सामाजिक संवेदना का रंग भी मिला।

10 नये तारा शक्ति केन्द्र

महिला सशक्तिकरण को भी इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार बनाया गया। विधायक राजेश्वर सिंह ने 10 नए तारा शक्ति सिलाई केंद्र शुरू करने की घोषणा की। इससे पहले क्षेत्र में 162 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं और इनके माध्यम से 1700 से अधिक सिलाई मशीनें वितरित की गई हैं। इन केंद्रों ने कई महिलाओं को घर बैठे रोजगार का रास्ता दिखाया है। यही कारण है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं और उन्होंने इसे अपने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया।

Related Articles

Back to top button