सीतापुर: बहन की शादी में पहुंचा जेल में बंद भाई, मिलन देख भावुक हो गए लोग

सीतापुर के बंशीपुर गांव में हत्या के मामले में सजा काट रहा कैदी धर्मेंद्र न्यायालय की विशेष अनुमति पर रोहतक जेल से बहन की शादी में शामिल होने पहुंचा। पुलिस सुरक्षा के बीच चार घंटे तक समारोह में मौजूद रहा। भाई-बहन का मिलन भावुक कर गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: शादी का घर, ढोल-नगाड़ों की गूंज और खुशियों से भरा माहौल। लेकिन सीतापुर के बंशीपुर गांव में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। हत्या के मामले में सजा काट रहा एक कैदी अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए रोहतक जेल से गांव पहुंचा। वर्षों बाद भाई को सामने देखकर बहन की आंखें भर आईं, वहीं भाई भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं सका। यह सिर्फ एक शादी का समारोह नहीं था, बल्कि परिवार के लिए भावनाओं से भरा वह पल था, जिसे वहां मौजूद लोगों ने लंबे समय तक याद रखने की बात कही।

न्यायालय की अनुमति से मिला परिवार से मिलने का मौका

हरगांव थाना क्षेत्र के बंशीपुर गांव निवासी धर्मेंद्र वर्तमान में हरियाणा की रोहतक जेल में सजा काट रहा है। परिवार की ओर से न्यायालय में बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी। न्यायालय से विशेष अनुमति मिलने के बाद हरियाणा पुलिस धर्मेंद्र को कड़ी सुरक्षा के बीच गांव लेकर पहुंची। उसके साथ पुलिस की एक टीम लगातार मौजूद रही ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।

गांव पहुंचते ही जुटी लोगों की भीड़

जैसे ही गांव में धर्मेंद्र के पहुंचने की सूचना फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण उसे देखने के लिए एकत्र हो गए। लंबे समय बाद गांव लौटे धर्मेंद्र को देखने के लिए आसपास के लोग भी समारोह स्थल की ओर पहुंचने लगे। हालांकि सुरक्षा कारणों से पुलिस ने पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी।

बहन को आशीर्वाद देते समय छलक पड़े आंसू

विवाह समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब धर्मेंद्र ने अपनी बहन को आशीर्वाद दिया। भाई को अपने सामने देखकर बहन की आंखों से आंसू निकल पड़े। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी भावुक हो गए। मौजूद लोगों के अनुसार यह दृश्य ऐसा था जिसने कुछ पलों के लिए शादी की चहल-पहल को भी भावनाओं में बदल दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि परिवार के लिए यह क्षण बेहद खास और मार्मिक था।

चार घंटे तक शादी में रहा शामिल

पुलिस अभिरक्षा में धर्मेंद्र करीब चार घंटे तक विवाह समारोह में मौजूद रहा। इस दौरान उसने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और शादी की प्रमुख रस्मों में शामिल हुआ। पुलिस अधिकारियों ने पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा। कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।

रस्में पूरी होने के बाद वापस जेल रवाना

विवाह समारोह की मुख्य रस्में पूरी होने के बाद हरियाणा पुलिस धर्मेंद्र को वापस रोहतक जेल लेकर रवाना हो गई। परिवार के लिए यह मुलाकात खुशी और भावनाओं का मिश्रण रही। ग्रामीणों का कहना है कि भाई-बहन के इस मिलन ने सभी को भावुक कर दिया और यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।

मानवीय पहलू की भी हुई चर्चा

कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह घटना न्यायिक व्यवस्था के उस मानवीय पक्ष को भी सामने लाती है, जहां विशेष परिस्थितियों में परिवार के महत्वपूर्ण अवसरों पर कैदियों को सीमित समय के लिए शामिल होने की अनुमति दी जाती है। हालांकि यह अनुमति पूरी तरह न्यायालय के विवेक और सुरक्षा मानकों के आधार पर दी जाती है।

रिपोर्ट: वली चौधरी, सीतापुर

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