98 मुकदमे, 50 हजार का इनाम और गिरफ्तारी वारंट… फिर भी पुलिस से दूर कन्हैया गुलाटी
बरेली में कन्हैया गुलाटी के खिलाफ 98 मुकदमे और 50 हजार रुपये का इनाम बताया गया है। पुलिस ने उसके नेटवर्क से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार कर निवेश और फरारी की जांच तेज की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामलों में नाम सामने आने के बावजूद कैनबिज इंडस्ट्रीज लिमिटेड का सीईओ और हिस्ट्रीशीटर कन्हैया गुलाटी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ 98 मुकदमे दर्ज हैं और गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। अब उसके कथित कोर नेटवर्क से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ लिया है।
1.40 करोड़ के निवेश कनेक्शन पर दो गिरफ्तार
पुलिस ने सोमवार को रहपुरा अंडरपास से विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक दोनों कन्हैया गुलाटी के संपर्क में रहने वाले 44 लोगों के कथित कोर ग्रुप का हिस्सा हैं। आरोप है कि विशाल ने करीब 80 लाख और विनय ने करीब 60 लाख रुपये अन्य लोगों से कंपनी में निवेश कराए। इस तरह दोनों के जरिए करीब 1.40 करोड़ रुपये के निवेश का कनेक्शन सामने आया है।
वायरल वीडियो से मिला गिरफ्तारी का सुराग
13 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने दोनों की पहचान की। बरेली रेंज की साइबर टीम और सर्विलांस सेल ने लोकेशन ट्रेस कर दोनों को रहपुरा अंडरपास से पकड़ा।
पूछताछ में दोनों ने वीडियो कई महीने पुराना होने की बात कही। उनका दावा था कि कन्हैया पर प्रभाव बनाने और अपना पैसा वापस लेने के लिए वीडियो में इस तरह की बातें कही गई थीं। पुलिस अब वीडियो और कैनबिज नेटवर्क दोनों की जांच कर रही है।
98 मुकदमे, वारंट भी जारी; फिर भी फरार
पुलिस के अनुसार नवंबर 2025 से अब तक बरेली में 93 एफआईआर दर्ज हुई हैं। बदायूं में तीन तथा अंबेडकरनगर और बस्ती में एक-एक मुकदमा दर्ज है। बिहार और झारखंड में भी मामले बताए गए हैं। कन्हैया को हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है और उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 18बी है।
एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक तीन मामलों में न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट हासिल हो चुके हैं और बरेली के 19 मामलों की विवेचना जारी है। अब पुलिस उसके संपर्कों, निवेश के पैसे और फरारी में संभावित मददगारों की भूमिका खंगाल रही है।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
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