हाथों में मशाल, जुबां पर नारे… कानपुर की सड़कों पर क्यों उतरे हजारों युवा?
कानपुर में UGC के नए प्रावधानों और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग को लेकर हजारों युवाओं ने मशाल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर की सड़कों पर बुधवार को हजारों युवाओं का आक्रोश दिखाई दिया। हाथों में जलती मशालें और शिक्षा-रोजगार में समान अवसर की मांग के साथ युवाओं ने मोतीझील से गोल चौराहे तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने UGC के नए प्रावधानों और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मोतीझील से गोल चौराहे तक निकला मशाल मार्च
आंदोलनकारियों का मशाल मार्च मोतीझील से शुरू हुआ और गोल चौराहे पर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के सामने पहुंचकर समाप्त हुआ। मार्च के दौरान युवाओं ने शिक्षा और रोजगार में पारदर्शिता तथा समान अवसर की मांग को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक UGC के नए प्रावधानों को लेकर युवाओं में कई सवाल हैं, जिन पर सरकार और संबंधित संस्थाओं को स्पष्टता देनी चाहिए।
आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग
युवाओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है। उनका दावा है कि वे आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और UGC के नए प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े अवसरों में पारदर्शिता तथा सभी वर्गों के युवाओं के हितों को ध्यान में रखने की मांग की। मार्च के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
गोल चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को कानपुर से आगे देशव्यापी स्तर तक ले जाया जाएगा।
हालांकि इस प्रदर्शन को लेकर सरकार या संबंधित संस्थाओं की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नजर इस बात पर है कि युवाओं की इन मांगों पर सरकार और UGC की ओर से क्या रुख सामने आता है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर
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