काठमांडू भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नेपाल की राजधानी काठमांडू एक ऐसा विदेशी पर्यटन स्थल है जहां अन्य विदेशी शहरों की तुलना में काफी कम पैसे आसानी से घूमकर वापस आया जा सकता है। अगर आप कम बजट में विदेश यात्रा का सपना करना चाहते हैं, तो नेपाल की राजधानी काठमांडू आपके लिए सबसे मुफीद जगह है। हिमालय की गोद में बसा यह शहर अपनी प्राचीन संस्कृति, भव्य मंदिरों और हिमालय के नजारों के लिए जाना जाता है। भारतीय नागरिकों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि यहां जाने के लिए न तो वीजा की जरूरत है और न ही पासपोर्ट की। आप अपने आधार कार्ड या वोटर आईडी की मदद से आसानी से यहां प्रवेश कर सकते हैं। काठमांडू बजट ट्रैवलर्स के लिए एशिया का सबसे अच्छा डेस्टिनेशन बनकर उभरा रहा है। यहां की मुद्रा (नेपाली रुपया) भारतीय रुपये के मुकाबले सस्ती है, जिससे आपका खर्च काफी कम हो जाता है। आप दिल्ली या गोरखपुर के रास्ते बस या ट्रेन से बेहद कम खर्च में काठमांडू पहुंच सकते हैं। यहां की हर गली में आपको इतिहास और आधुनिकता का संगम देखने को मिलेगा, जो आपकी यात्रा को यादगार बना देगा।
पशुपतिनाथ मंदिर
भगवान शिव का यह पवित्र मंदिर आध्यात्मिक शांति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। नेपाल की राजधानी काठमांडू के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि बेहद धूमधाम से मनाई जाती है। यहां हर साल मेला लगता है जिसमें दुनिया भर से हजारों श्रद्धालु बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। भारत के बहुत सारे साधु शिवरात्रि मनाने के लिए काठमांडू जाते हैं। चंद्र कैलेंडर के मुताबिक फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। पशुपतिनाथ मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है।
पाटन कृष्ण मंदिर
यह ललितपुर के पाटन दरबार स्क्वायर में स्थित है, नेपाल के सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक हिंदू मंदिरों में से एक है। 17वीं शताब्दी (1667) में राजा सिद्धि नरसिंह मल्ला द्वारा निर्मित, यह मंदिर पत्थर की नक्काशी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मंदिर भारतीय शिखर शैली (ग्रंथकूट) में बना है, जो नेपाल के सामान्य पैगोडा शैली के मंदिरों से भिन्न है। तीन मंजिला इस मंदिर में 21 स्वर्ण शिखर हैं। मंदिर में भगवान कृष्ण के साथ राधा और रुक्मिणी की प्रतिमाएं हैं, जबकि अन्य मंजिलें शिव और लोकेश्वर को समर्पित हैं। राजा को सपने में भगवान कृष्ण और राधा के दर्शन के बाद इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। कृष्णाष्टमी (जन्माष्टमी) के दौरान यहां हजारों भक्तों की भीड़ लगती है। यह मंदिर युनेस्को विश्व धरोहर स्थल का हिस्सा है।
स्वयंभूनाथ मंदिर
यहां से पूरे काठमांडू शहर का अद्भुत नजारा दिखता है, जो फोटोग्राफी के लिए बेस्ट है। स्वायंभुनाथ बौधनाथ मंदिर काठमांडू के पश्चिम में एक पहाड़ी की चोटी पर करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो काठमांडू घाटी का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है। स्वयंभू स्तूप, भगवान की आंखों से चित्रित इस मंदिर परिसर का सबसे मुख्य आकर्षण है। इस मंदिर के कुछ हिस्सों में बंदरों के निवास की वजह से इस मंदिर को मंकी टेम्पल के रूप में भी जाना- जाता है।



