विपक्ष के निशाने पर आई मान सरकार
कांग्रेस व भाजपा ने कानून व्यवस्था को लेकर घेरा

- गुलजार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले
- राहुल गांधी बोले- सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने पर मिल रही धमकी
- मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नयी दिल्ली। पंजाब में जैसे-जैसे विस चुनाव की आहट करीब सुनाई दे रही है वैसे ही वहां आप की मान सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। कांग्रेस व भाजपा दोनों ने अभी से प्रहार शुरू कर दिया है। खासतौर से दोनों दलों ने उसे कानून व्यवस्था पर आड़े हाथों लिया है। राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब की आप सरकार पर एक ग्रामीण की कथित आत्महत्या को लेकर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत वित्त मंत्री हरपाल चीमा का इस्तीफा लेने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस ग्रामीण ने राज्य में लगातार जारी नशीली दवाओं की आपूर्ति को लेकर मंत्री हरपाल चीमा से सवाल किया था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत एक ‘‘खतरनाक प्रवृत्ति’’ पैदा हो रही है कि यदि कोई सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाता है, तो उसे जवाब के तौर पर धमकी और प्रताडऩा का सामना करना पड़ता है। संगरूर जिले के दिरबा के रहने वाले दलित गुलजार सिंह (47) की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने के बाद मौत हो गई। उनके परिवार के मुताबिक, उन्होंने छह सितंबर को दिरबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चीमा से इलाके में नशीले पदार्थों की लगातार हो रही आपूर्ति को लेकर सवाल किया था। अपमानित किया गया, माफी मांगने के लिए इतना दबाव बनाया गया कि उन्होंने जहर खा लिया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते हुए इलाज के अभाव में आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गए। उन्होंने कहा, पिछले हफ्ते मैंने एक युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मान के खिलाफ प्रदर्शन करने पर प्रताडि़त किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का काम जनता को जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को ‘‘कुचलना’’ नहीं। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘गुलजार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें और सुनिश्चित करें कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो जिसकी प्राथमिकी में उनका नाम दर्ज किया जाए। कांग्रेस ने मंगलवार को भी चीमा को बर्खास्त करने की मांग की थी और कहा था कि गुलजार सिंह की मौत के लिए वह जिम्मेदार हैं। पंजाब में मादक पदार्थों का संकट राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। राज्य में ‘चिट्टा’ की लगातार हो रही आपूर्ति को लेकर चीमा से सवाल पूछने वाले गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या के बाद भाजपा और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
शिअद ने भी सरकार से मांगा जवाब
वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) समेत विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को घेरते हुए मामले की जांच की मांग की। इसका असर दिल्ली की राजनीति में भी देखने को मिला, जहां भाजपा और कांग्रेस ने भगवंत मान और हरपाल चीमा के इस्तीफे की मांग की। दोनों दलों ने आरोप लगाया कि सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। राज्य में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य सरकार पर संगरूर के ही एक अन्य ग्रामीण को कथित तौर पर हिरासत में प्रताडि़त करने के आरोपों को लेकर भी हमला बोला जा रहा है। आरोप है कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग के मुद्दे पर ‘आप’ सरकार के खिलाफ काले झंडे लहराने और नारे लगाने के कारण उसे हिरासत में लेकर प्रताडि़त किया गया।
भाजपा ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर पंजाब सरकार को घेरा
भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुग ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पंजाब में कानून-व्यवस्था से जुड़े कई मामलों की सीबीआई और एनआईए से जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को ‘‘राजनीतिक संरक्षण’’ दे रही है। चुग ने अमृतसर में एक सितंबर को अपने आवास के बाहर हुए आप के प्रदर्शन में कथित गैंगस्टर कमल बोरी की मौजूदगी की जांच की भी मांग की। चुग ने कहा कि उन्होंने पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को पत्र लिखकर उसकी पहचान की पुष्टि, दृश्य साक्ष्य सुरक्षित रखने और समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने आप में गुरप्रीत सिंह सेखों के शामिल होने का भी मुद्दा उठाया। चुग के अनुसार, सेखों को 16 के नाभा हाई-सिक्योरिटी जेल ब्रेक मामले में मार्च 23 में दोषी ठहराकर 1० साल की सजा सुनाई गई थी और उसकी अपील पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित है। पिछले दो वर्षों में पंजाब में 21 से अधिक हमले हुए हैं, जिनमें पुलिस थानों पर रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड से हमले भी शामिल हैं। उन्होंने संगरूर के मोहंजीत सिंह और गुलजार सिंह से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। चुग ने कहा कि सीमा पार से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी तथा संगठित अपराध की चुनौतियों के बीच अपराध, मादक पदार्थ नेटवर्क, तस्करी और राजनीतिक गतिविधियों के संभावित गठजोड़ की आंतरिक सुरक्षा के नजरिए से जांच जरूरी है।



