वाराणसी में ‘वोट जिहाद’ का आरोप: मंत्री रविंद्र जायसवाल ने पकड़े 9200 डुप्लीकेट वोटर, वेरिफिकेशन की मांग

उत्तर प्रदेश में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच योगी सरकार के मंत्री और वाराणसी उत्तरी से विधायक रविंद्र जायसवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री ने दावा किया है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 9200 से अधिक डुप्लीकेट मतदाता मौजूद हैं, जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है। उन्होंने इसे ‘वोट जिहाद’ करार देते हुए पूरे क्षेत्र की मतदाता सूची की सघन जांच की मांग की है।
एक ही नाम 5 जगहों पर दर्ज होने का दावा
सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में मतदाता सूची में भारी अनियमितताएं हैं। उनके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं
कई महिलाओं के नाम शादी के बाद भी ससुराल के साथ-साथ उनके मायके के पते पर भी दर्ज हैं।
कुछ मतदाताओं के नाम तो 4 से 5 अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हैं।
मंत्री ने जिलाधिकारी से मांग की है कि क्षेत्र के करीब 90 हजार मतदाताओं का आधार कार्ड के जरिए दोबारा फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाए।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मंत्री ने राहुल गांधी द्वारा पहले उठाए गए डुप्लीकेट वोटर के सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ही क्षेत्र में इस तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा है। उन्होंने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायत भी सौंपी है।
जिलाधिकारी ने दिया जांच का भरोसा
इस पूरे मामले पर वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें भाजपा विधायक और जिला अध्यक्ष की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलओ (BLO) केवल अपने बूथ का परीक्षण कर सकता है, लेकिन डुप्लीकेट वोटरों का मामला कई बूथों से जुड़ा है।शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सभी बूथों का संपूर्ण परीक्षण कराया जाएगा। जांच के बाद नियमानुसार मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।



