गुजरात में आसाराम की घर-घर मुलाकात | मीडिया से बचते दिखे
गुजरात में आसाराम अपने साधकों से घर-घर जाकर मुलाकात करते नजर आए... इस दौरान जैसे ही मीडिया की मौजूदगी सामने आई...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आसाराम दुष्कर्म के दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं.. हाल ही में वे गुजरात के वलसाड पहुंचे.. और मंगलवार को उन्होंने अपने साधकों से घर-घर जाकर मुलाकात की.. इस दौरान उनके समर्थकों ने मीडिया को कवरेज करने से रोका.. और कुछ लोगों ने मीडियाकर्मियों का मोबाइल फोन छीनने की भी कोशिश की.. इस घटना को दिव्य भास्कर की डिजिटल टीम ने कैमरे में कैद कर लिया.. आसाराम ने सरदार हाइट्स बिल्डिंग, पालीहिल, प्रमुख पार्क, भाखगाडावाड़ा, रामजी मंदिर के पीछे.. और कोसंबा रणछोड़जी मंदिर इलाकों का दौरा किया.. यह दौरा उनकी जमानत की अवधि के दौरान हुआ.. जब उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर कोर्ट से राहत मिली हुई है.. लेकिन समर्थकों द्वारा मीडिया को रोके जाने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका.. आपको बता दें कि यह घटना आसाराम के केस की पृष्ठभूमि में और भी ज्यादा विवादास्पद लगती है.. जहां वे 2013 से जेल में थे.. और अब स्वास्थ्य कारणों से बाहर हैं..
आसाराम बापू का असली नाम आशुमल हरपलानी है.. वे एक स्वयंभू संत हैं.. जिनके लाखों अनुयायी हैं.. लेकिन 2013 में उनके खिलाफ दुष्कर्म के आरोप लगने के बाद उनकी छवि पूरी तरह बदल गई.. आसाराम का जन्म 1941 में हुआ.. और उन्होंने 1970 के दशक में अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू की.. उन्होंने कई आश्रम बनाए, जहां लाखों लोग उनके प्रवचन सुनने आते थे.. लेकिन 2013 में जोधपुर और गांधीनगर में दुष्कर्म के मामलों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया.. जोधपुर पुलिस ने उन्हें इंदौर के आश्रम से गिरफ्तार किया था.. गिरफ्तारी के समय आसाराम ने दावा किया था कि वे निर्दोष हैं.. और यह एक साजिश है.. लेकिन कोर्ट ने सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया.. वहीं अब 85 साल की उम्र में वे स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं.. जिसके कारण उन्हें जमानत मिली है.. बता दें कि वलसाड का यह दौरा उनकी जमानत की अवधि का हिस्सा है.. जहां वे साधकों से मिल रहे हैं..
जानकारी के मुताबिक वलसाड में आसाराम का दौरा काफी गोपनीय तरीके से हुआ.. मंगलवार को वे वलसाड पहुंचे और विभिन्न इलाकों में घूमे.. सरदार हाइट्स बिल्डिंग में उन्होंने कुछ साधकों से बात की.. जहां लोग उनके आने की खबर सुनकर इकट्ठा हो गए.. पालीहिल इलाके में भी यही नजारा था.. प्रमुख पार्क में वे थोड़ी देर रुके और अनुयायियों से मिले.. भाखगाडावाड़ा और रामजी मंदिर के पीछे के क्षेत्र में घर-घर जाकर मुलाकात की गई.. कोसंबा रणछोड़जी मंदिर इलाके में भी वे गए..
वहीं इन मुलाकातों के दौरान आसाराम ने अपने साधकों को आशीर्वाद दिया.. और उनके साथ समय बिताया.. लेकिन इस दौरान उनके समर्थकों का व्यवहार मीडिया के साथ आक्रामक रहा.. समर्थकों ने कैमरा बंद करने को कहा और कुछ ने फोन छीनने की कोशिश की.. दिव्य भास्कर की टीम ने इसे रिकॉर्ड किया.. जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है.. समर्थकों का कहना था कि यह निजी कार्यक्रम है.. लेकिन मीडिया को रोकने का सही कारण पता नहीं चल सका.. शायद वे आसाराम की छवि को लेकर सतर्क थे.. क्योंकि वे अभी भी केस में दोषी हैं..
आपको बता दें कि आसाराम की जमानत की कहानी लंबी है.. वे दो अलग-अलग दुष्कर्म मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं.. पहला मामला जोधपुर का है.. जहां 2018 में कोर्ट ने सजा सुनाई.. दूसरा गांधीनगर का है, जहां 2023 में सजा हुई.. लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्हें जमानत मिली.. राजस्थान हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2025 में 6 महीने की जमानत दी.. गुजरात हाईकोर्ट ने नवंबर 2025 में इसी आधार पर 6 महीने की जमानत दी.. गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस इलेस वोरा और आर.टी. वछाणी की बेंच ने कहा कि यह सिर्फ मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए है.. सजा अभी भी बरकरार है.. आसाराम के वकील देवदत्त कामत ने कोर्ट को बताया कि आसाराम 13 साल से जेल में हैं.. हिरासत प्रमाण-पत्र के अनुसार.. उन्होंने छूट सहित 12 साल, 11 महीने और 27 दिन की सजा काट ली है.. वास्तविक हिरासत 11 साल, 6 महीने और 3 दिन की है.. कोर्ट ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए राहत दी.. आसाराम को हृदय रोग, हाइपरटेंशन, हाइपोथायरॉइडिज्म, एनीमिया और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियां हैं..
जानकारी के अनुसार जमानत की शर्तें सख्त हैं.. आसाराम को पुलिस एस्कॉर्ट के साथ रहना है.. समूह बैठक नहीं करनी है और अनुयायियों से बड़े स्तर पर नहीं मिलना है.. लेकिन वलसाड में जो हुआ, वह इन शर्तों पर सवाल उठाता है.. क्या घर-घर मुलाकात समूह बैठक मानी जाएगी.. कोर्ट ने कहा था कि वे सिर्फ इलाज के लिए बाहर हैं.. सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी जमानत को मेडिकल ग्राउंड पर बरकरार रखा है.. एक पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत रद्द करने की याचिका दाखिल की.. लेकिन कोर्ट ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी.. आसाराम अब 86 साल के हैं.. और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं.. राजस्थान और गुजरात सरकारों ने भी उनकी जमानत का समर्थन किया.. लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह न्याय व्यवस्था की कमजोरी है..
आसाराम के केस की शुरुआत 2013 में हुई.. जोधपुर में एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि आसाराम ने उसके साथ दुष्कर्म किया.. पुलिस ने उन्हें इंदौर से गिरफ्तार किया.. पांच साल की सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई.. इसी तरह गांधीनगर में एक महिला ने आरोप लगाया कि 2001 से 2006 के बीच आश्रम में दुष्कर्म हुआ.. 31 जनवरी 2023 को गांधीनगर कोर्ट ने आजीवन सजा दी.. आसाराम के बेटे नारायण साई को भी इसी तरह के मामलों में सजा हुई है.. गुजरात हाईकोर्ट ने नारायण साई को 5 दिन की जमानत दी थी.. ताकि वे अपने पिता से मिल सकें.. इन मामलों में गवाहों पर दबाव और धमकियों के आरोप भी लगे.



