‘निजता का हनन’ बता भाकपा माले का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस

मिर्जापुर में निजी डाटा मांगे जाने के विरोध में भाकपा माले ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इसे निजता का हनन बताया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप रोक की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर में पुलिस प्रशासन द्वारा निजी डाटा एकत्र किए जाने के विरोध में भाकपा (माले) ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे निजता के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध जुलूस निकाला। रामबाग से शुरू हुआ जुलूस अस्पताल रोड और कचहरी होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां धरना-प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।

निजी डाटा लेने को लेकर जताई आपत्ति

प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माले) के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन पार्टी कार्यकर्ताओं का निजी डाटा एकत्र कर रहा है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। पार्टी ने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

कामरेड अमरेश चंद्र भारतीय ने कहा कि आदिवासी, वनवासी, गरीब, दलित और वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले लोगों पर दबाव बनाने के लिए निजी डाटा जुटाने का तरीका अपनाया जा रहा है। उन्होंने इसे निजता की रक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

‘निगरानी राज’ का लगाया आरोप

वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन पर जन आंदोलनों को दबाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश में कथित तौर पर ‘निगरानी राज’ स्थापित किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से निजी जानकारी लिए जाने का विरोध जारी रहेगा।

कामरेड जीरा भारती ने आदिवासी और वनवासी समाज से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और दलित समुदाय के लोगों पर फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेदखली का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन में मिर्जापुर के अलग-अलग क्षेत्रों से आए महिला और पुरुषों के साथ भाकपा (माले) कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाल झंडे थे।

अंत में पार्टी नेताओं ने निजी डाटा मांगे जाने के विरोध में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के जरिए संबंधित प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। हालांकि, निजी डाटा एकत्र करने को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी, मिर्ज़ापुर 

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