मिर्ज़ापुर: झोलाछाप डॉक्टर का खतरनाक इलाज! युवती को दे दी पागलों की दवा, हालत गंभीर
मिर्जापुर में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक युवती की हालत गंभीर होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना जांच मानसिक रोगियों की दवा दे दी, जिससे युवती की तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

4 पीएम न्यूज़ नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बीमार बेटी को ठीक कराने के लिए एक परिवार जिस झोलाछाप डॉक्टर के पास गया, वही इलाज अब उनकी बड़ी परेशानी बन गया। आरोप है कि झोलाछाप ने युवती को मानसिक मरीजों में दी जाने वाली दवा दे दी, जिसके बाद उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई। परिवार का कहना है कि गलत दवा खाने के बाद युवती की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और उसे तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
इलाज के नाम पर दी गलत दवा
मिली जानकारी के अनुसार, एक पिता अपनी बेटी को इलाज के लिए इलाके के एक झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वहां इलाज से बेटी की तबीयत सुधर जाएगी। लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने बिना सही जांच के ऐसी दवा दे दी जो आमतौर पर मानसिक रोगियों के इलाज में दी जाती है। दवा खाने के कुछ ही समय बाद युवती की हालत खराब होने लगी।
हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
परिवार ने जब युवती की तबीयत ज्यादा बिगड़ती देखी तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की और बताया कि गलत दवा की वजह से उसकी स्थिति गंभीर हो गई है। बताया जा रहा है कि इलाज के लिए युवती को बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
प्रशासन से की शिकायत
पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से की है। उन्होंने मांग की है कि झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसी घटना न हो। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज न मिलता तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
झोलाछाप डॉक्टरों पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके में एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग मजबूरी में ऐसे लोगों से इलाज करवाते हैं, जिससे कई बार मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बीमारी के इलाज के लिए केवल पंजीकृत और योग्य डॉक्टरों से ही संपर्क करना चाहिए।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला न सिर्फ लापरवाही बल्कि मरीज की जान से खिलवाड़ का भी हो सकता है।
रिपोर्ट -संतोष देव गिरी
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