‘मोदी के दोस्त ने किया 15 लाख करोड़ का घोटाला’ | पवन खेड़ा के बीजेपी सरकार पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है... उन्होंने आरोप लगाया कि "मोदी के दोस्त"... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आम आदमी को 15 लाख रुपए अपने खाते में आने का सपना दिखाया गया था.. लेकिन अब सामने आ रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी दोस्तों ने हजारों करोड़ के घोटाले किए हैं.. कांग्रेस की ओर से यह आरोप लगाया जा रहा है कि.. नरेंद्र मोदी के दोस्त राजेश भाई ने राजेश एक्सपोर्ट्स के जरिए 15 लाख करोड़ रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला किया है.. बता दें कि AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने इस मामले पर सरकार पर जमकर हमला बोला है.. और उन्होंने कहा कि देश की जनता मोदी जी के वादे पर भरोसा करके बैठी रही.. लेकिन उनके दोस्तों ने देश को लूट लिया.. मेहुल भाई, विजय भाई, नीरव भाई, ललित भाई और अब राजेश भाई.. ये सभी मोदी भाई के करीबी बताए जा रहे हैं.. पवन खेड़ा का कहना है कि यह भाईचारा देश के लिए बहुत महंगा साबित हो रहा है..

आपको बता दें कि SEBI ने राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर्स पर बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी.. और पैसे के गबन का आरोप लगाया है.. बाजार नियामक SEBI ने कंपनी पर 15.15 लाख करोड़ रुपए की आय को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया है.. FY21 से FY25 के बीच कंपनी ने कथित तौर पर अपनी आय को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया.. SEBI की जांच में पाया गया कि कंपनी ने राजस्व को गलत तरीके से रिपोर्ट किया.. विदेशी सहायक कंपनियों के जरिए लेन-देन दिखाए गए.. लेकिन उनके दस्तावेज सही नहीं थे.. SEBI ने जांच शुरू करने में 7 महीने लगा दिए.. जब आंख खुली तो कंपनी के शेयरों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई.. प्रमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता को सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया गया..

पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त लगातार घोटालों में फंस रहे हैं.. पहले मेहुल चोकसी (PNB घोटाला), फिर विजय माल्या, नीरव मोदी (डायमंड घोटाला), ललित मोदी और अब राजेश एक्सपोर्ट्स का राजेश मेहता.. खेड़ा का सवाल है कि आखिर ये सारे लोग मोदी जी के इतने करीबी क्यों हैं.. और इनके घोटालों पर सरकार चुप क्यों है.. उन्होंने कहा कि देश की जनता 2014 में 15 लाख रुपए हर खाते में आने का वादा सुनकर मोदी जी पर भरोसा जताया था.. लेकिन हकीकत यह है कि इन दोस्तों ने 15 लाख करोड़ रुपए का घोटाला कर लिया.. आम आदमी का पैसा इन घोटालों में गया है.. LIC जैसी सरकारी कंपनियों ने भी राजेश एक्सपोर्ट्स में निवेश किया था.. जिसका नुकसान अब जनता को उठाना पड़ रहा है..

आपको बता दें कि राजेश एक्सपोर्ट्स बेंगलुरु आधारित एक बड़ी कंपनी है.. जो सोने की रिफाइनिंग और ज्वेलरी एक्सपोर्ट का काम करती है.. कंपनी का दावा था कि उसकी सालाना आय बहुत ज्यादा है.. लेकिन SEBI की जांच में सामने आया कि 97-99 प्रतिशत आय कथित तौर पर फर्जी थी.. कंपनी ने शेल कंपनियों और विदेशी सहायकों के जरिए लेन-देन दिखाकर निवेशकों को गुमराह किया.. SEBI के अंतरिम आदेश में कहा गया है कि कंपनी ने बोर्ड.. और ऑडिट कमेटी की मंजूरी के बिना पैसे ट्रांसफर किए.. प्रमोटर राजेश मेहता के व्यक्तिगत खाते में सैकड़ों करोड़ रुपए गए.. इन पैसों का इस्तेमाल डेरिवेटिव ट्रेडिंग में किया गया.. SEBI ने कंपनी को फॉरेंसिक ऑडिट कराने.. और NFRA को ऑडिटर्स की जांच सौंपने का आदेश दिया है..

वहीं शेयर बाजार में इस खबर का बुरा असर पड़ा.. राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर लोअर सर्किट पर बंद हुए.. निवेशकों को भारी नुकसान हुआ.. छोटे-छोटे निवेशक और LIC जैसी संस्थाएं फंस गईं.. पवन खेड़ा ने SEBI पर भी सवाल उठाए.. और उन्होंने कहा कि इतने बड़े घोटाले की जांच शुरू करने में ही 7 महीने लग गए.. आखिर SEBI इतना धीमा क्यों काम कर रहा है.. क्या सरकार के दबाव के कारण जांच में देरी हो रही है.. जब SEBI की आंख खुली तो कंपनी के शेयरों पर रोक लगाई गई.. लेकिन तब तक बहुत नुकसान हो चुका था..

 

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