लखीमपुर खीरी में नया विवाद, बर्खास्त सिपाही के आरोपों से मची सनसनी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद यह मामला पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का पुलिस महकमा एक बार फिर चर्चा में है।
इस बार मामला किसी आपराधिक घटना का नहीं, बल्कि विभाग के ही एक बर्खास्त पुलिसकर्मी द्वारा जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ख्याति गर्ग पर लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद यह मामला पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में बर्खास्त सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने एसपी डॉ. ख्याति गर्ग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में सुनील कुमार शुक्ला का दावा है कि जिले में 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को बिना ठोस कारण निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और कई कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाने लगा, जिससे पुलिस महकमे में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विवादों से पुराना नाता
बर्खास्त सिपाही सुनील कुमार शुक्ला पहले भी कई बार सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। विभिन्न मामलों में उनके बयान और वीडियो पहले भी चर्चा का विषय बन चुके हैं।
यही कारण है कि इस बार सामने आए आरोपों को लेकर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे एक बर्खास्त कर्मचारी के व्यक्तिगत आरोपों के रूप में भी देख रहे हैं।
एसपी की कार्यशैली भी रही चर्चा में
गौरतलब है कि एसपी डॉ. ख्याति गर्ग पिछले कुछ समय से जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिसिंग में अनुशासन लागू करने के उद्देश्य से लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपराध नियंत्रण, पुलिस की जवाबदेही और विभागीय अनुशासन को लेकर उनके द्वारा कई प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। इसी दौरान वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
रिपोर्ट:- प्रभाकर श्रीवास्तव,लखीमपुर खीरी



