कानपुर: जेल में बंद आरोपी के पोस्टर से हुआ नई KESCO MD नेहा जैन का स्वागत, विभाग में मचा हड़कंप

कानपुर में नई KESCO MD नेहा जैन के स्वागत पोस्टर में जेल में बंद फर्जीवाड़े के आरोपी की तस्वीर मिलने से हड़कंप मच गया। आरोपी पर डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से डूडा आवास आवंटन और बिजली कनेक्शन लेने का आरोप है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: कानपुर में फर्जीवाड़े और विभागीय लापरवाही से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। शहर की नई केस्को एमडी नेहा जैन के स्वागत के दौरान उन्हें जो पोस्टर भेंट किया गया, उसमें एक ऐसे व्यक्ति की तस्वीर लगी मिली जो फिलहाल जेल में बंद है। आरोपी पर जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर आवास आवंटन पत्र तैयार कराने और उसी आधार पर बिजली कनेक्शन हासिल करने का गंभीर आरोप है। मामला सामने आने के बाद केस्को समेत कई विभागों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने विभागीय कार्यप्रणाली और सत्यापन प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन है पोस्टर में दिखाई देने वाला आरोपी?

सूत्रों के मुताबिक, पोस्टर में दिखाई दे रहा शंभू सिंह वही व्यक्ति है जिस पर शहरी गरीब आवास योजना के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर आवास कब्जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कथित तौर पर जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और नकली मुहर का इस्तेमाल कर डूडा आवास आवंटन पत्र तैयार कराया।

इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर केस्को से बिजली कनेक्शन भी हासिल कर लिया गया। मामला उजागर होने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई और फिलहाल वह कानपुर जेल में बंद बताया जा रहा है।

निजी अख़बार की रिपोर्ट के बाद खुला मामला

प्रकरण उस समय सुर्खियों में आया जब शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत आवंटित मकान संख्या 286/5 को लेकर शिकायत सामने आई। आरोप था कि असली लाभार्थी के नाम पर आवंटित मकान को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जाने की कोशिश की गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से संबंधित आवंटन पत्र जारी ही नहीं किया गया था। इसके बावजूद बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया। निजी अख़बार में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद मामला और तेजी से चर्चा में आया।

बिना सत्यापन कैसे जारी हुआ बिजली कनेक्शन?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल केस्को की सत्यापन प्रक्रिया पर उठ रहा है। आरोप है कि बिना दस्तावेजों की गहन जांच किए बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, डूडा की ओर से बाद में केस्को को पत्र भेजकर स्पष्ट किया गया कि संबंधित आवंटन पत्र फर्जी था। इसके बाद विभागीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई। अब यह सवाल उठ रहा है कि जब दस्तावेज फर्जी थे, तो आखिरकार बिजली कनेक्शन जारी करने से पहले सत्यापन क्यों नहीं किया गया।

नई MD के स्वागत में पहुंचा आरोपी का पोस्टर

पूरा मामला तब और चर्चा में आ गया जब हाल ही में नियुक्त नई केस्को एमडी नेहा जैन के स्वागत कार्यक्रम में आरोपी की तस्वीर वाला पोस्टर सामने आया। बताया जा रहा है कि विभागीय कर्मचारियों की ओर से तैयार किए गए स्वागत पोस्टर में आरोपी शंभू सिंह की तस्वीर लगी थी। जैसे ही इसकी जानकारी अधिकारियों तक पहुंची, विभाग के भीतर खलबली मच गई। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार विभाग के अंदर किस स्तर पर इतनी बड़ी चूक हुई और बिना जांच ऐसे पोस्टर को कार्यक्रम में कैसे शामिल कर लिया गया।

विभागीय जांच की तैयारी

सूत्रों की मानें तो पूरे मामले के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की तैयारी की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवास और बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाएं कैसे हासिल कर ली गईं। शहर में यह मामला अब चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर शिकायत न होती, तो शायद यह पूरा फर्जीवाड़ा लंबे समय तक सामने ही नहीं आता।

फर्जी दस्तावेजों के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता

कानपुर में पिछले कुछ समय से फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह प्रकरण सिर्फ एक विभागीय चूक नहीं, बल्कि सरकारी सत्यापन व्यवस्था की गंभीर कमजोरियों की ओर भी इशारा कर रहा है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है और प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा

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