नीतीश को उनके ही करीबियों ने जिंदा दफन किया: आनंद मोहन
पूर्व सांसद ने जदयू के काम करने के तरीकों पर उठाए सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जनता दल (यूनाइटेड) के कामकाज पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि पार्टी अपने वैचारिक आधार से भटक गई है और अब धन और प्रभाव के वर्चस्व में है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए आनंद मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए उनके परिवार से बढक़र किसी ने बलिदान नहीं दिया है। उन्होंने नीतीश कुमार के इशारे पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की बात याद दिलाई, लेकिन आरोप लगाया कि इतनी वफादारी के बावजूद अब उन्हें दरकिनार कर दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि नीतीश कुमार ने जेडीयू के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन पार्टी में उनकी उपस्थिति काफी कम हो गई है। उन्होंने दावा किया कि आज नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से पूरी तरह से दफना दिया गया है। उनका चेहरा कहीं नजर नहीं आता—यहां तक कि जब वे 85 विधायकों के साथ शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर मौजूद थे, तब भी उनकी तस्वीर गायब थी। पार्टी के नेतृत्व और दृश्यता पर सवाल उठाते हुए आनंद मोहन ने बताया कि पहले के पोस्टरों में नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्रियों की प्रमुख तस्वीरें होती थीं, लेकिन बिहार भर में लगे मौजूदा बैनरों में विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव जैसे प्रमुख नेताओं के नाम नहीं हैं। उन्होंने पूछा कि अगर ये नेता आपका समर्थन करते हैं, तो पोस्टरों से उनके नाम और चेहरे क्यों गायब हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भारतीय जनता पार्टी को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं, बल्कि उन्होंने नीतीश कुमार के करीबी लोगों को निशाना बनाया और उनकी भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को अलग-थलग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन सलाहकारों ने नीतीश कुमार को जिंदा दफना दिया है। क्या वे उन्हें सिर्फ सैर और भोजन के लिए ही बाहर ले जाते हैं? वे यह सवाल क्यों नहीं करते कि वे सार्वजनिक संदेशों से क्यों गायब हो गए हैं?

नकदी से लदे लोगों को मंत्री पद देकर पुरस्कृत किया जा रहा
अपने बेटे चेतन आनंद को मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू में धन-संपन्न राजनीति जड़ पकड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजकल व्यक्ति नहीं, बल्कि पैसा बोलता है। नकदी से लदे लोगों को मंत्री पद देकर पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने सरफुद्दीन जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए पार्टी के आंतरिक फैसलों की आलोचना की और वफादारों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, ऐसी प्रथाएं न केवल जेडीयू को बल्कि व्यापक एनडीए गठबंधन को भी कमजोर कर रही हैं। एक कड़े शब्दों में टिप्पणी करते हुए आनंद मोहन ने नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों को चंडाल चौकड़ी बताया और उन पर पार्टी को भीतर से कमजोर करने का आरोप लगाया।
नीतीश कुमार के बिना, शायद वह अभी भी जेल में होते : निहोरा यादव
हालांकि, अब जदयू ने पलटवार किया है। जेडीयू के प्रवक्ता निहोरा यादव ने कहा कि आनंद मोहन ने खुद स्वीकार किया है कि वह पार्टी के सदस्य नहीं हैं। हालांकि, यादव ने यह भी कहा कि आनंद मोहन को अपने राजनीतिक सफर में नीतीश कुमार की भूमिका को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यादव ने पार्टी पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि नीतीश कुमार के बिना, शायद वह अभी भी जेल में होते। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के बयानों से जेडीयू को कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे और सुझाव दिया कि आनंद मोहन को अपने परिवार को मिले राजनीतिक अवसरों को स्वीकार करना चाहिए।
10 दिनों में ही लोग विजय सरकार का असली चेहरा पहचानने लगे हैं: उदयनिधि
द्रमुक नेता ने टीवीके सरकार पर साधा निशाना
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु की नई टीवीके सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि वह जल्द ही बेनकाब हो जाएगी, क्योंकि 10 दिनों में ही लोग इसका असली चेहरा पहचानने लगे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनसेवा में जुटे रहने और द्रमुक की सत्ता में वापसी का भरोसा रखने का आह्वान किया। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को दावा किया कि तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) नीत सरकार जल्द ही ‘बेनकाब’ हो जाएगी।
यहां एक विवाह समारोह में उदयनिधि स्टालिन ने कहा, ‘सरकार बने महज 10 दिन हुए हैं और महिलाएं, युवा तथा वर्तमान पीढ़ी (जेन-जेड) इस प्रशासन का असली चेहरा पहचानने लगी है। जैसे-जैसे वक्त बीतेगा, सत्ता में बैठे लोग खुद को और भी उजागर करते जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘वक्त के साथ और भी सच्चाइयां लोगों के सामने आएंगी।’ पूर्व उपमुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा, इसलिए हम एक बार फिर जनसेवा और जमीनी काम में जुट जाएं। जैसा हमारे नेता एम.के. स्टालिन हमेशा कहते हैं-सत्ता में रहते हुए ही नहीं, विपक्ष में रहकर भी काम करें। केवल अपने मतदाताओं के लिए नहीं, बल्कि उनके लिए भी काम करें जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया। द्रमुक की सत्ता में वापसी का भरोसा जताते हुए उदयनिधि ने कहा कि पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव में जीत और हार तो लगी रहती है। एक सामाजिक आंदोलन के रूप में द्रमुक हमेशा की तरह जनसेवा में लगी रहेगी और हम भी इस प्रतिबद्धता पर अडिग रहेंगे।’’ पार्टी नेता स्टालिन के मार्गदर्शन में सभी से जनकल्याण के काम जारी रखने की अपील करते हुए द्रमुक नेता ने कहा, ‘‘सूरज (द्रमुक का चुनाव चिह्न) कभी डूबता नहीं, फिर सूर्य का उदय होगा और उसकी रोशनी में तमिलनाडु फिर फलेगा-फूलेगा।
केजरीवाल और सिसोदिया को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर चलाए गए एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान के संबंध में आपराधिक अवमानना की कार्यवाही के तहत अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को नोटिस जारी किया है।
चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा गया है। सुनवाई 8 अगस्त को तय की गई है। आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच के पास है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि वे आबकारी नीति मामले के कुछ बरी किए गए आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर उनके और अदालत के खिलाफ की गई अत्यंत अपमानजनक, मानहानिकारक और घृणित टिप्पणियों पर चुप नहीं रह सकती हैं। न्यायमूर्ति ने स्पष्ट कहा कि मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ प्रत्यर्थी मेरे खिलाफ और इस अदालत के खिलाफ बेहद घृणित, अवमाननापूर्ण और मानहानिकारक सामग्री पोस्ट कर रहे हैं। मैं चुप नहीं रह सकती। बता दें कि दिल्ली के कथित आबकारी घोटाला मामले में स्वर्ण कांता शर्मा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस अपील पर आगे सुनवाई नहीं करने का फैसला किया था, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को दी गई राहत को चुनौती दी गई थी। अब न्यायमूर्ति मनोज जैन आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करेंगे।
पासपोर्ट विवाद में रणदीप सुरजेवाला को समन
23 मई को गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में पेश होने का निर्देश
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गुवाहाटी। असम में कथित पासपोर्ट विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। इसी बीच असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला को समन जारी किया है। पुलिस ने उन्हें 23 मई को गुवाहाटी स्थित क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए कहा है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा से जुड़े कथित पासपोर्ट विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
हालांकि अब तक पुलिस की ओर से मामले के सभी पहलुओं का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से देख रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कथित तौर पर इस मामले में सुरजेवाला का नाम लिया था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले की कडिय़ों को और गहराई से खंगालना शुरू किया है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या गौरव गोगोई और रणदीप सिंह सुरजेवाला कथित तौर पर इस विवाद से जुड़े बड़े षड्यंत्र की योजना बनाने में शामिल थे। असम पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारत अभूतपूर्व आर्थिक तूफान के कगार पर है: राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष ने पीएम नरेन्द्र मोदी पर बोला तीखा हमला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार की राजकोषीय नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए चेतावनी दी कि भारत अभूतपूर्व आर्थिक तूफान के कगार पर है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए वित्तीय संशोधनों का अंतत: पतन होगा और इसका सबसे अधिक बोझ आम नागरिक पर पड़ेगा।
अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान मीडिया और जनता को संबोधित करते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक ढांचे को चुनिंदा अरबपतियों को श्रमिक वर्ग की कीमत पर लाभ पहुंचाने के लिए व्यवस्थित रूप से हेरफेर किया गया है। गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि जहां बड़े-बड़े कॉरपोरेट जगत के दिग्गज और राजनीतिक नेता अपने महलों में पूरी तरह सुरक्षित बैठे हैं, वहीं इस आसन्न संकट का असली असर उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बात के लिए भी आलोचना की कि वे आंतरिक ढांचागत संकटों को दूर करने के बजाय लगातार विदेश यात्राएं कर रहे हैं और साथ ही नागरिकों से विदेश यात्राएं कम करने का आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से मैं यही कह रहा हूं कि मोदी जी ने आर्थिक ढांचे में बदलाव किया है और अब एक आर्थिक तूफान आने वाला है। अंबानी के पक्ष में उन्होंने जो ढांचा खड़ा किया है, वह टिकेगा नहीं; उसका पूरी तरह से ढह जाना तय है। दुख की बात यह है कि इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाला आर्थिक संकट अडानी, अंबानी और मोदी को प्रभावित नहीं करेगा। बल्कि, यह उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यवसायियों को प्रभावित करेगा। यह संकट शायद कई वर्षों में न देखी गई तीव्रता के साथ आने वाला है; आगे एक बहुत कठिन दौर है। ठोस कदम उठाने के बजाय, नरेंद्र मोदी देश को विदेश यात्रा न करने के लिए कह रहे हैं, जबकि वे स्वयं विश्व भ्रमण पर निकले हैं।
नॉर्वे की पत्रकार का वीडियो शेयर कर राहुल ने कसा तंज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नॉर्वे में पत्रकारों के सवालों का जवाब न देने के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने के लिए भी कुछ नहीं होता। कांग्रेस नेता ने एक्स पर ये टिप्पणियां कीं, जब उन्होंने नॉर्वे की एक पत्रकार का वीडियो साझा किया, जिसमें पीएम मोदी को तब दूर जाते हुए देखा गया जब पत्रकार ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की थी राहुल ने कहा कि जब दुनिया एक संदिग्ध प्रधानमंत्री को कुछ सवालों से घबराते और भागते हुए देखती है तो भारत की छवि पर क्या असर पड़ता है?



