गुजरात की राजधानी में हाहाकार, दूषित पानी की सप्लाई से 100 से ज्यादा बीमार, प्रशासन पर सवाल
इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी की सप्लाई से हालात बिगड़ते जा रहे हैं... खराब और अशुद्ध पानी पीने से...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजधानी गांधीनगर इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है.. यहां के कई इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई से लोग बीमार पड़ रहे हैं.. मुख्य रूप से टाइफाइड के मामले बढ़ रहे हैं.. जो सीवर के गंदे पानी के पीने के पानी में मिलने से फैल रहा है.. वहीं यह स्थिति इंदौर की हालिया घटना से मिलती-जुलती है.. जहां दूषित पानी से 10 लोगों की मौत हो गई थी.. गांधीनगर में अब तक 70 से ज्यादा एक्टिव मामले सामने आ चुके हैं.. और 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं.. स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है.. जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद इस मामले पर तीन बार अपडेट लिया है.. जबकि राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया..
जानकारी के अनुसार गांधीनगर में यह समस्या दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुई.. लेकिन जनवरी 2026 की शुरुआत में यह तेजी से फैली.. शुरुआत में, सेक्टर 24, 26, 28 और अडिवाड़ा जैसे इलाकों के लोग पानी के स्वाद.. और गंध में बदलाव की शिकायत करने लगे.. पानी कड़वा लग रहा था.. और इसमें बदबू आ रही थी.. जिसके चलते जल्द ही, लोग बुखार, उल्टी, दस्त और कमजोरी से पीड़ित होने लगे.. डॉक्टरों ने जांच में पाया कि ये लक्षण टाइफाइड के हैं.. जो बैक्टीरिया सल्मोनेला टाइफी से होता है..
आपको बता दें कि शनिवार 3 जनवरी 2026 तक मरीजों की संख्या 100 थी.. जो रविवार 4 जनवरी को 120 से ज्यादा हो गई.. गांधीनगर सिविल हॉस्पिटल में 37 से 42 मरीज भर्ती हैं,.. जबकि अन्य हेल्थ सेंटर्स में भी इलाज चल रहा है.. वहीं कुल 102 से 104 संदिग्ध मामले रिपोर्ट हो चुके हैं.. जिनमें ज्यादातर बच्चे और युवा हैं.. स्वास्थ्य अधिकारियों ने 10 हजार घरों का सर्वे किया.. और पानी के सैंपल लिए.. रिपोर्ट्स में पाया गया कि पानी पीने लायक नहीं है..
वहीं यह संकट इतनी तेजी से फैला.. क्योंकि लोग रोजाना इसी पानी से पीते, खाना बनाते और नहाते थे.. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से पानी की पाइपलाइन में लीकेज था.. लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया.. अब हर घर में एक-दो मरीज मिल रहे हैं.. जिससे इलाके में डर का माहौल है.. कुछ परिवार गांव या रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं..
आपको बता दें इस संकट का मुख्य कारण पाइपलाइन में लीकेज है.. गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की जांच में 7 से 10 लीकेज पाए गए.. ये लीकेज ऐसे जगहों पर हैं.. जहां सीवर लाइन और पीने के पानी की लाइन करीब-करीब हैं.. सीवर का गंदा पानी लीकेज से पीने की लाइन में मिल गया.. इससे बैक्टीरिया फैल गया, जो टाइफाइड का कारण बनता है…
वहीं यह समस्या नई नहीं है.. शहर में 24/7 पानी सप्लाई प्रोजेक्ट पर 257 करोड़ रुपये खर्च हुए.. लेकिन पाइपलाइन सीवर लाइनों के पास बिछाई गईं.. इंजीनियरों का कहना है कि जब लीकेज होता है.. तो दूषित पानी मिलना तय है.. कुडासन, रायसन और सरगासन जैसे इलाकों में भी यही समस्या है..
टाइफाइड एक पानी से फैलने वाली बीमारी है.. यह गंदे पानी या खाने से होता है.. भारत में हर साल लाखों मामले आते हैं.. खासकर जहां साफ-सफाई कम है.. गांधीनगर जैसे विकसित शहर में यह होना चिंताजनक है.. क्योंकि यहां बुनियादी सुविधाएं अच्छी मानी जाती हैं.. लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियां उजागर हो गईं..
जानकारी के मुताबिक यह संकट सिर्फ स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि सामाजिक.. और आर्थिक भी है.. प्रभावित इलाकों में लोग डरे हुए हैं.. बच्चे स्कूल नहीं जा रहे, कामकाजी लोग छुट्टी ले रहे हैं.. अस्पतालों में भीड़ है, और दवाइयों की कमी हो सकती है.. सिविल हॉस्पिटल में 30-बेड का स्पेशल वार्ड खोला गया है.. 22 डॉक्टरों की टीम जांच और इलाज में लगी है.. गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है..
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन ने शिकायतों को नजरअंदाज किया.. एक निवासी ने बताया कि हमने कई बार कहा कि पानी गंदा है.. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.. अब पूरे परिवार बीमार हैं.. कुछ लोग बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं.. जो महंगा पड़ रहा है.. भय से कुछ परिवार शहर छोड़ चुके हैं..
प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए हैं.. स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कैंप लगाए, घर-घर सर्वे किया.. पानी के सैंपल टेस्ट में दूषित पाए गए.. अब सुपर क्लोरीनेशन चल रहा है.. यानी पानी में ज्यादा क्लोरीन डालकर बैक्टीरिया मारना.. टैंकर से साफ पानी दिया जा रहा है.. जीएमसी का कहना है कि 10-15 दिनों में नया प्रोजेक्ट शुरू होगा.. जो सेक्टरों में साफ पानी देगा..
म्युनिसिपल कमिश्नर जे एन वाघेला ने कहा कि हम स्थिति कंट्रोल में ला रहे हैं.. एक-दो दिन में सब ठीक हो जाएगा.. इंजीनियरिंग टीम लीकेज ठीक कर रही है.. उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर के महापौर, कलेक्टर और मेडिकल अधिकारियों के साथ बैठक की.. उन्होंने अस्पताल जाकर मरीजों से बात की.. और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया.. संघवी ने कहा कि सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.. बीमारी फैलने से रोकेंगे.. और उन्होंने अमित शाह को अपडेट देने का भी जिक्र किया..



