PAK की भूमिका को नजरअंदाज नहीं कर सकतेः महबूबा
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता Mehbooba Mufti ने इस मौके पर अपनी प्रतिक्रिया दी और पाकिस्तान व ईरान की भूमिका की खुलकर सराहना की।

4pm न्यूज नेटवर्क: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात में संघर्ष विराम की घोषणा हुई है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता Mehbooba Mufti ने इस मौके पर अपनी प्रतिक्रिया दी और पाकिस्तान व ईरान की भूमिका की खुलकर सराहना की।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में ईरान में हजारों लोग मारे गए थे और वैश्विक स्तर पर यह आशंका जताई जा रही थी कि संघर्ष विश्व युद्ध की ओर बढ़ सकता है। महबूबा मुफ्ती ने कहा-“मैं ऊपरवाले का शुक्र अदा करती हूं, जिसने ईरान को इजराइल जैसे अपराधियों के खिलाफ खड़े होने का साहस दिया। हम इस युद्ध में मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका को नजरअंदाज नहीं कर सकते, क्योंकि उन्होंने पूरी दुनिया को बचाया है। मैं ईरान की इस भूमिका की सराहना करती हूं कि उसने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जिम्मेदारी का परिचय दिया और आम नागरिकों को न्यूनतम नुकसान हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव ने न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजारों पर भी गहरा असर डाला था। महबूबा मुफ्ती का बयान इस बात को दर्शाता है कि क्षेत्रीय मध्यस्थता और जिम्मेदार कूटनीतिक प्रयासों का महत्व कितना अहम है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता ने वैश्विक स्तर पर संघर्ष के बड़े विनाशकारी खतरे को टालने में मदद की। वहीं, ईरान की रणनीति ने युद्ध के प्रभाव को सीमित करने और विनाश कम करने में योगदान दिया।
जनता और राजनीतिक प्रतिक्रिया
महबूबा मुफ्ती के बयान को सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर व्यापक चर्चा मिली। समर्थक इसे सकारात्मक कदम और शांति का स्वागत मान रहे हैं, जबकि विपक्ष और कुछ विश्लेषक इसे कूटनीतिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महबूबा मुफ्ती का दृष्टिकोण इस बात को स्पष्ट करता है कि क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग दोनों ही अत्यंत जरूरी हैं।
भविष्य की राह
संघर्ष विराम के बाद अब क्षेत्रीय देशों और वैश्विक शक्तियों के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि शांति प्रक्रिया स्थायी बने। महबूबा मुफ्ती ने उम्मीद जताई कि यह विराम वैश्विक शांति को बढ़ावा देगा और क्षेत्रीय तनाव कम करेगा। विश्लेषकों का कहना है कि यदि सभी पक्ष शांति और कूटनीति को प्राथमिकता देंगे, तो यह अमेरिका-ईरान संघर्ष के स्थायी समाधान की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
तो अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम पर महबूबा मुफ्ती ने अपनी खुशी व्यक्त की और पाकिस्तान और ईरान की भूमिका की सराहना की। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विराम का स्थायी असर क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर कितना गहरा होगा।



