मिर्जापुर: विंध्याचल धाम में कृत्रिम पूजन सामग्री पर रोक, पण्डा समाज ने जारी किया निर्देश

मिर्जापुर के महाशक्तिपीठ विंध्याचल धाम में धार्मिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्री विंध्य पण्डा समाज की व्यवस्थापिका समिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर के महाशक्तिपीठ विंध्याचल धाम में धार्मिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्री विंध्य पण्डा समाज की व्यवस्थापिका समिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

समिति द्वारा जारी पत्रांक 155, 26 मार्च 2026 के तहत मंदिर परिसर में कृत्रिम पूजन सामग्री के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है।

समिति के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के समय में माँ भगवती के पूजन एवं श्रृंगार में प्लास्टिक की चूड़ियां, कृत्रिम पुष्प और मोर पंख जैसी वस्तुओं का उपयोग बढ़ गया था, जो सनातन वैदिक परंपराओं के विपरीत है। इसे मात्र दिखावे और सजावट तक सीमित बताते हुए समिति ने इसे अनुचित आचरण करार दिया है।

उपाध्यक्ष प्रहलाद मिश्र, मंत्री भानू पाठक समेत अन्य पदाधिकारियों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि किसी भी तीर्थ पुरोहित, पण्डा या पुजारियों द्वारा अब कृत्रिम वस्तुओं का उपयोग नहीं किया जाएगा। माँ के विग्रह के श्रृंगार में केवल पारंपरिक और प्राकृतिक पूजन सामग्री का ही प्रयोग अनिवार्य होगा।

समिति ने सभी संबंधित लोगों को निर्देशित किया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है। इस फैसले से मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

देश के विख्यात विंध्यवासिनी धाम में इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़ा है, लेकिन व्यवस्थाओं की हकीकत बेहद चिंताजनक है। लाखों श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े होकर दूसरे प्रवेश द्वार से गर्भगृह तक पहुंच रहे हैं, फिर भी माँ का स्पष्ट दर्शन नहीं कर पा रहे। वजह बनी है नई प्रथा—चूड़ियों की मालाओं की भरमार, जिसने माता के चेहरे को लगभग ढक दिया है। दूर-दराज से आए भक्तों में भारी निराशा और आक्रोश है।

हैरानी की बात यह है कि श्री विंध्य पंडा समाज मौन है, प्रशासन चुप्पी साधे हुए है और दर्शनार्थी आक्रोशित हैं। सवाल उठ रहा है कि आस्था के इस केंद्र में व्यवस्था कब सुधरेगी और श्रद्धालुओं को सहज दर्शन कब मिलेंगे। दूसरी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विंध्य पंडा समाज ने तत्काल एक्शन लेते हुए कड़ा फैसला लिया है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरि, मिर्जापुर

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