सीतापुर में ‘परदेशी बाबा’ हत्याकांड का खुलासा, अंधविश्वास में डूबे युवक ने की थी तांत्रिक की बेरहम हत्या

सीतापुर में चर्चित ‘परदेशी बाबा’ हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। अंधविश्वास के चलते आरोपी ने तांत्रिक की गला रेतकर हत्या कर दी और शव के हाथ-पैरों में कीलें ठोंक दीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हुए चर्चित ‘परदेशी बाबा’ हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अंधविश्वास, शक और वर्षों से मन में पल रहे गुस्से ने एक युवक को इतना खौफनाक बना दिया कि उसने तांत्रिक की न सिर्फ हत्या कर दी, बल्कि मौत के बाद शव के साथ भी बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं। संदना थाना क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी नागेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल खून से सना धारदार चाकू भी बरामद किया है।

17 साल पुराने शक ने ले ली जान

पुलिस के अनुसार, लखनऊ के मलिहाबाद निवासी सत्यनारायण यादव उर्फ परदेशी बाबा पिछले करीब 17-18 वर्षों से आरोपी नागेंद्र की मां सियावती का कथित तौर पर इलाज कर रहे थे। धीरे-धीरे नागेंद्र के मन में यह शक गहराने लगा कि बाबा उसकी मां को जानबूझकर पूरी तरह ठीक नहीं कर रहे और तंत्र-मंत्र के जरिए उसे अपने प्रभाव में रखे हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। इसी रंजिश और अंधविश्वास ने नागेंद्र के मन में बदले की भावना पैदा कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने काफी समय पहले ही बाबा को रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी।

गला रेतकर की हत्या, फिर शव के साथ की क्रूरता

पुलिस के मुताबिक, 12 मई 2026 को आरोपी ने मौका पाकर परदेशी बाबा पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। उसने बाबा का गला रेतकर हत्या कर दी। लेकिन वारदात यहीं खत्म नहीं हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे किसी ने यह बात बताई थी कि यदि किसी तांत्रिक को मारने के बाद उसके हाथ-पैरों में कीलें ठोंक दी जाएं तो उसकी आत्मा भटकती नहीं है। इसी अंधविश्वास के चलते आरोपी ने हत्या के बाद मृतक के हाथों और पैरों में लोहे की कीलें ठोंक दीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी वारदात बेहद योजनाबद्ध और भयावह थी। शव को बाद में संदना इलाके में फेंक दिया गया था, जहां 13 मई को पुलिस ने उसे अज्ञात शव के रूप में बरामद किया था।

सबूत मिटाने की भी की कोशिश

गिरफ्तारी के बाद आरोपी नागेंद्र ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, उसने हत्या के बाद सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की। आरोपी ने मृतक के कपड़े, पर्स, पहचान पत्र और वारदात में इस्तेमाल किए गए अपने जूते-दस्ताने तक जला दिए।

पुलिस टीम ने आरोपी की निशानदेही पर काकोरी के दोना गांव के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। वहीं, जलाए गए सामान की राख भी बरामद की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फरार होने के दौरान मृतक का मोबाइल फोन सरायन नदी के बालजती पुल से नीचे फेंक दिया था ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।

पुलिस टीम ने ऐसे सुलझाई गुत्थी

इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस की कई टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मिश्रित बृजेश कुमार की निगरानी में संदना थाना पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। थानाध्यक्ष मान सिंह पाल, कांस्टेबल लंकेश यादव और रंजीत सिंह की टीम ने आरोपी को मलिहाबाद रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे अदालत में पेश कर दिया है।

अंधविश्वास बना खौफनाक अपराध की वजह

सीतापुर की यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और मानसिक तनाव के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय तक पलता शक और तंत्र-मंत्र जैसी मान्यताओं पर अंधविश्वास कई बार लोगों को हिंसक अपराध की ओर धकेल देता है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस मानसिकता की भी कहानी है जहां अंधविश्वास इंसान को कानून और इंसानियत दोनों से दूर ले जाता है।

रिपोर्ट – वली चौधरी

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