उन्नाव में सिपाही का थप्पड़ कांड! चारपाई पर लेटे मिस्त्री को पीटा? वीडियो वायरल
उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र में जमीन पैमाइश के दौरान सिपाही पर राजगीर मिस्त्री को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने सोहरामऊ थाना पुलिस को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आरोप है कि जमीन की पैमाइश के दौरान मौके पर पहुंचे एक सिपाही ने घर के बाहर चारपाई पर लेटे राजगीर मिस्त्री को थप्पड़ मार दिए। घटना के बाद गांव में तनाव और नाराजगी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि यह मामला सोहरामऊ थाना क्षेत्र के बेगम खेड़ा गांव का है, जहां तहसील पुरवा के लेखपाल पंकज धीर और सोहरामऊ थाने के सिपाही योगेश व धर्मेंद्र जमीन की पैमाइश कराने पहुंचे थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले नंदलाल, जो पेशे से राजगीर मिस्त्री बताए जा रहे हैं, अपने घर के बाहर चारपाई पर लेटे हुए थे।
शोरगुल रोकने की बात पर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पैमाइश के दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी और शोरगुल हो रहा था। इसी बीच नंदलाल ने लोगों से दूसरी तरफ हटने और शांति बनाए रखने को कहा। आरोप है कि इसी बात को लेकर सिपाही धर्मेंद्र और नंदलाल के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि सिपाही ने कथित तौर पर नंदलाल को थप्पड़ मार दिए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट के बाद नंदलाल के मुंह से खून आने लगा, जिससे परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
किसी ने बना लिया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
घटना के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोग पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन घटना को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और पीड़ित परिवार में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई विवाद था तो पुलिस को कानूनी तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि सार्वजनिक रूप से मारपीट करनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पुलिस की संवेदनशीलता और व्यवहार को लेकर लगातार बहस होती रही है। जमीन विवाद जैसे मामलों में प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी आम बात है, लेकिन इस तरह के आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर देते हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
रिपोर्ट – रंजन बाजपाई
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