मुंडक्कई और चूरलमाला त्रासदी: केरल दौरे पर प्रियंका गांधी का केंद्र पर निशाना
प्रियंका गांधी ने कहा कि मुंडक्कई और चूरलमाला लैंडस्लाइड में बचे लोगों के लिए जो भी काम किए जा रहे हैं वो सराहनीय हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: प्रियंका गांधी ने कहा कि मुंडक्कई और चूरलमाला लैंडस्लाइड में बचे लोगों के लिए जो भी काम किए जा रहे हैं वो सराहनीय हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 100 घरों का वादा किया है. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने पीड़ितों की मदद की लेकिन दुर्भाग्य से केंद्र आगे नहीं आया है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार (28 फरवरी) को केरल के मुंडक्कई और चोरालमाला भूस्खलन के पीड़ितों से मिलने के लिए वायनाड कस्बे का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी ने पीड़ितों के लिए 100 घरों का वादा किया है और दावा किया कि केंद्र सरकार पीड़ितों के पुनर्वास के प्रयासों में कमी कर रही है.
पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यहां कुछ पेड़ लगाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि हादसे के पीड़ितों के लिए जो भी काम किए जा रहे हैं, वो सराहनीय हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 100 घरों का वादा किया है. मैं सभी राजनीतिक दलों के प्रयासों की सराहना करता हूं.
केंद्र सरकार ने कोई सहयोग नहीं दिया’
केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रियंका गांधी कहा कि दुर्भाग्य से केंद्र सरकार ने कोई विशेष सहयोग नहीं दिया है. इससे पहले गुरुवार को प्रियंका ने अपने भाई और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ वायनाड में मुंडाक्कई-चूरलमाला भूस्खलन के पीड़ितों के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा बनाए जाने वाले घरों की आधारशिला रखी.
लैंडस्लाइड को लेकर क्या बोलीं प्रियंका
एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने त्रासदी के बाद की स्थिति को याद किया और प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की. उन्होंने कहा ‘यह भयानक त्रासदी आप पर, हम पर वायनाड में घटी. मैं अपने भाई के साथ यहां पहली बार आई थी. मैं पहले भी आ चुकी थी, लेकिन केवल चुनाव के समय. उस दिन जब मैं आई, तो मैंने जो देखा, वह मुझे कभी नहीं भूलेगा. आपने सब कुछ खो दिया था. आपके घर, आपके परिवार, आपके स्कूल, आपकी दुकानें, आपके व्यवसाय, सब कुछ.
‘लोगों ने एक दूसरे की मदद की’
समुदाय के लचीलेपन की सराहना करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि सभी पीड़ितों के एक साथ खड़े होकर एक-दूसरे की मदद करने का तरीका उन्हें बेहद प्रेरणादायक लगा. उन्होंने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात आपका साहस, आपका गर्व और यहां मौजूद हर व्यक्ति का आपकी मदद करने का हर संभव प्रयास था.
उन्होंने कहा कि जिस तरह आप सभी एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद कर रहे थे, चाहे आपका धर्म कुछ भी हो, चाहे आप किसी भी वर्ग से हों. आप सब एक साथ खड़े रहे, एक-दूसरे का सहारा बने, एक-दूसरे को हिम्मत दी, एक-दूसरे को प्यार दिया जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी.
सांसद ने कहा कि मैं तब आपकी सांसद नहीं थी. मेरे भाई सांसद थे.मैं अब आपकी सांसद हूं. लेकिन उस समय से लेकर अब तक, मैं आपकी बेटी, आपकी बहन और आपके परिवार का सदस्य भी बन गई हूं. उन्होंने कहा कि मैंने इस दौरान आपके द्वारा झेले गए विभिन्न संघर्षों को देखा है.
सभी राजनीतिक दलों की सराहना की
त्रासदी के दौरान पीड़ितों की मदद और समर्थन करने के लिए सभी राजनीतिक दलों की सराहना करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी ने संसद में अपनी आवाज उठाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखे. प्रियंका गांधी ने आवास परियोजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस त्रासदी के तुरंत बाद, मेरे भाई यहां आए थे और उन्होंने कहा था कि हम उन लोगों के लिए 100 घर बनाएंगे जिन्होंने अपने घर खो दिए हैं.
उन्होंने कहा कि आपकी बहन होने के नाते, मुझे इस बात का बहुत दुख है कि इस प्रक्रिया में इतना समय लगा. हमारा उद्देश्य प्रत्येक लाभार्थी को एक ग्यारह सौ वर्ग फुट का घर और आठ सेंट जमीन उपलब्ध कराना है.
30 जुलाई 2024 को केरल में आए भूस्खलन से मुंडक्कई और चोरालमाला में तबाही मचा दी थी. इस दौरान कुल 300 लोगों की मौत हो गई और कई घर और अन्य इमारतें नष्ट हो गईं. 29 मार्च को प्रियंका गांधी ने भूस्खलन पीड़ितों के लिए उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति वितरण का उद्घाटन और शुभारंभ किया था.



