लद्दाख में उभरा जनआक्रोश, राज्य का दर्जा मांगते हुए लोगों का प्रदर्शन
सोनम वांगचुक की NSA हिरासत रद्द होने के बावजूद, LAB ने विरोध जारी रखने का फैसला किया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर 16 मार्च को एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया. सोनम वांगचुक की NSA हिरासत रद्द होने के बावजूद, LAB ने विरोध जारी रखने का फैसला किया.
लेह एपेक्स बॉडी ने लद्दाख के लिए ‘पूर्ण राज्य का दर्जा’ और ‘छठी अनुसूची’ की मांग को लेकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया है. पिछले छह सालों से लद्दाख के लोग लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक सुरक्षा उपायों से वंचित रहे हैं. न्याय, अधिकारों और लोकतंत्र की बहाली के लिए पहाड़ों से उठने वाली आवाजें अब और भी बुलंद होती जा रही हैं.
भले ही केंद्र सरकार ने शनिवार को लद्दाख में आंदोलनकारी समूहों को शांत करने के स्पष्ट प्रयास के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत रद्द कर दी हो, लेकिन लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने अपनी मांगों के समर्थन में 16 मार्च को निर्धारित विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का फैसला किया था.
सभी आरोप बेबुनियाद थे
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे लकरुक ने कहा कि हमारे पहले के कार्यक्रम के अनुसार, हमारा विरोध प्रदर्शन 16 मार्च को ही होगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सोनम वांगचुक की NSA के तहत हिरासत को रद्द करने का फैसला एक स्वागत योग्य कदम है. उन्होंने सोनम वांगचुक की रिहाई का स्वागत किया, लद्दाख के लोगों को बधाई दी और कहा कि इस घटनाक्रम ने वांगचुक पर लगाए गए उन सभी बेबुनियाद आरोपों की पोल खोल दी है. उन्होंने कहा कि वांगचुक की रिहाई से लद्दाख के लोगों को सम्मान और राहत मिली है, क्योंकि उन पर लगाए गए आरोप अब पूरी तरह से खत्म हो गए हैं.
नेतृत्व के मुताबिक इस फैसले पर कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के सदस्यों और दूसरे संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की गई और इस बात पर सहमति बनी कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. क्योंकि आंदोलन की मुख्य मांगें खास तौर पर लद्दाख के लिए सुरक्षा उपाय अभी भी पूरी नहीं हुई हैं.
लेह एपेक्स बॉडी के मुताबिक, लद्दाख के उपराज्यपाल ने दिन में पहले उनसे संपर्क किया था और 16 मार्च को होने वाले विरोध प्रदर्शन को रद्द करने की अपील की थी. इस अनुरोध के जवाब में, एपेक्स बॉडी के नेताओं ने LG को बताया कि ऐसा फैसला अकेले नहीं लिया जा सकता और इसके लिए सभी संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा करना जरूरी होगा.



