रामलीला कमेटी की बैठक बनी अखाड़ा, जमकर चलीं कुर्सियां; चुनाव को लेकर भिड़े दो पक्ष

कानपुर देहात में रामलीला कमेटी की बैठक चुनाव विवाद को लेकर अखाड़े में बदल गई। दो पक्षों में मारपीट और कुर्सियां चलने का आरोप है। मामले में राजनीतिक खींचतान भी सामने आई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कानपुर देहात में रामलीला कमेटी के गठन को लेकर बुलाई गई बैठक उस वक्त विवाद में बदल गई, जब कमेटी के चुनाव को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि विरोध के दौरान मारपीट हुई और बैठक में कुर्सियां तक चल गईं। घटना से मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

नई कमेटी के चुनाव को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, रामलीला कमेटी के चुनाव के लिए अधिकारियों की ओर से एक नई कमेटी का चयन किया गया था। इसी कमेटी के गठन को लेकर पूर्व कमेटी के पदाधिकारियों और वर्तमान कमेटी से जुड़े लोगों के बीच विवाद शुरू हुआ।

आरोप लगाया गया कि पूर्व कमेटी से जुड़े लोगों ने नई कमेटी के सदस्यों के साथ मारपीट और अभद्रता की। बैठक में मौजूद बुजुर्ग पदाधिकारियों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है।

कुर्सियां चलीं, शिव शक्ति अखाड़ा और बजरंग दल के लोग भी पहुंचे

विवाद बढ़ने के बाद बैठक का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट के दौरान कुर्सियां भी चलीं। हंगामे की सूचना के बाद शिव शक्ति अखाड़ा और बजरंग दल से जुड़े लोग भी मौके पर पहुंचे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

घटना के सामने आए आरोपों में राजनीतिक खींचतान का भी जिक्र किया गया है। एक पक्ष ने दावा किया कि कमेटी में बसपा प्रत्याशी जितेंद्र सिंह गुड्डन के समर्थकों को शामिल नहीं किए जाने से विरोध किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

चुनाव प्रक्रिया और आरोपों पर उठे सवाल

रामलीला कमेटी के गठन को लेकर सामने आए विवाद ने चुनाव प्रक्रिया और संगठन के भीतर चल रही खींचतान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मारपीट और हंगामे से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस या प्रशासन की ओर से कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

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