संघ व भाजपा कर रही साजिश
तेजस्वी बोले- नीतीश के बेटे को राजनीति में आने से रोकने की तैयारी
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- पीएम ने लगाया था नीतीश पर भोजन की प्लेटें छीनने का आरोप
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार के विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद ने भाजपा पर फिर तीखा प्रहार किया। राजद नेता का मानना है कि निशांत के राजनीति में आने से जदयू के विलुप्त होने से बच जाने की संभावना है, जो भाजपा और उसके समर्थकों को पसंद नहीं है। श्री यादव ने कहा, सबसे पहले तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि चाहे निशांत हो या कोई और, राजनीति में प्रवेश करने का निर्णय व्यक्ति का अपना होना चाहिए। मेरे माता-पिता (पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी) ने मुझे राजनीति में आने के लिए नहीं कहा था।
मैंने बिहार का दौरा करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता का मूड भांपते हुए खुद यह निर्णय लिया। यादव ने कहा, ‘‘ बेशक, अगर वह आगे आते हैं तो पार्टी को विलुप्त होने से बचाया जा सकता है। इसलिए, जद(यू) में मौजूद संघियों की मदद से भाजपा में कई लोग उनके प्रवेश को रोकने की साजिश में लगे हुए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार को हल्के में लेते हुए कहा कि इससे कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला है। उन्होंने कहा कि यह उन सभी के लिए आखिरी मौका हो सकता है, क्योंकि चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं और बिहार के लोगों ने राजगको वोट नहीं देने का मन बना लिया है, जिसने राज्य पर करीब 20 साल तक शासन किया है। उन्होंने हाल ही में भागलपुर दौरे पर आए बिहार के मुख्यमंत्री पर स्नेह बरसाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मखौल उड़ाया और दोनों नेताओं को पुरानी कटुता याद दिलाई। यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नीतीश जी को लाडला कहा, हालांकि एक बार नीतीश पर भोजन की प्लेटें छीन लेने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने कई साल पहले नीतीश द्वारा एक रात्रिभोज को रद्द करने की घटना का जिक्र किया।
सीएम के अपमानजनक बयानों से पीएम का सीना हुआ चौड़ा
यादव ने कहा, मोदी जी को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई जब नीतीश जी ने जब राजग में नहीं थे, विधानसभा के भीतर कुछ टिप्पणी की। अब नीतीश जी भाजपा के सहयोगी हैं और उनके अपमानजनक बयानों से प्रधानमंत्री का सीना 56 इंच से भी ज्यादा चौड़ा हो गया है। उन्होंने कहा, बिहार ने अपना मन बना लिया है। भाजपा यहां सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी। लेकिन वह मोदी और योगी जैसे अपने ‘पोस्टर बॉय’ भेजकर कोशिश जारी रख सकती है।
शारीरिक रूप से टायर्ड मानसिक रूप से रिटायर्ड हैं नीतीश : पीके
प्रशांत किशोर ने भविष्यवाणी की कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी आगामी चुनावों में एक भी सीट हासिल करने में विफल रहेगी, उन्होंने कहा कि अनुभवी नेता शारीरिक रूप से थके हुए और मानसिक रूप से सेवानिवृत्त हैं। प्रशांत ने कहा कि किसी भी हालत में जदयू का कोई भी उम्मीदवार नहीं जीतना चाहिए। नीतीश ने बिहार में एक नया चलन शुरू किया है कि अगर उनकी पार्टी के 5-10 उम्मीदवार भी जीत जाएं, तो भी वह गठबंधन बनाएंगे और सत्ता में आएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार शारीरिक रूप से थक चुके हैं और मानसिक रूप से रिटायर हो चुके हैं और अगर उन्हें अब भी बीजेपी का समर्थन हासिल है तो इसका मतलब साफ है कि बीजेपी बिहार में सरकार का हिस्सा बने रहना चाहती है। पीके ने कहा कि इस सरकार का कार्यकाल खत्म होने से 6 महीने पहले 7 नए मंत्रियों को शपथ दिलाने का सीधा सा मतलब है कि ये जाने से पहले जनता को लूटना चाहते हैं।