सतलुज बैन से पंजाब की राजनीति में तूफान

एसजीपीसी, अकाली दल व अकाल तख्त ने बोलने की आजादी पर बताया हमला, राज्य के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा पर बनी दिलजीत दोसांझ की फिल्म

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा पर बनी दिलजीत दोसांझ की फिल्म को ओटीटी प्लेटफार्म से हटा दिया गया है। इससे पंजाब की राजनीति में तूफान सा आ गया है। अकली दल, एसजीपीसी, अकाल तख्त ने इस फैसले की आलोचना की है। अन्य विपक्षी पार्टियों ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दिया है।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को ह्रञ्जञ्ज से हटाए जाने को लेकर पंजाब में राजनीति विवाद खड़ा हो गया है। लंबे इंतजार के बाद नाम बदलकर इस फिल्म को ओटीटी पर रीलिज किया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों में इसे हटाने की घोषणा की। जिसके बाद देश के प्रमुख गुरुद्वारों का प्रबंधन करने वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने फिल्म के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है। अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि जी-5 द्वारा फिल्म को हटाया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सच और सामूहिक स्मृति पर हमला है। उन्होंने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पंजाब को अपने अतीत का सामना ईमानदारी से करने का अधिकार है। मालूम हो कि फिल्म सतलुज पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित फर्जी मुठभेड़ों और गायब किए गए लोगों के मामलों को उजागर करने के लिए संघर्ष करने वाले एक मानवाधिकार कार्यकर्ता की कहानी पर आधारित है।

पंजाब के युवाओं से फिल्म देखनी चाहिए : कुलवंत सिंह

एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने पंजाब के युवाओं से फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उस दौर की वास्तविक घटनाओं को सामने लाती है और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष तथा योगदान को समझने का अवसर प्रदान करती है।

इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए : तारिक अनवर

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर फिल्म तथ्यों पर आधारित है तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए, लेकिन अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए।

जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए : कुलदीप सिंह

अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने भी फिल्म का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी गैरकानूनी हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।

एक दमदार फिल्म जो हिम्मत से पंजाब के दर्दनाक इतिहास को सामने लाई है : सुखबीर सिंह बादल

सुखबीर सिंह बादल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- भारत में चैनल से सतलुज को मनमाने ढंग से हटाने से हैरान और दुखी हूं। एक दमदार फिल्म जो हिम्मत से पंजाब के दर्दनाक इतिहास को सामने लाती है और जसवंत सिंह खालरा के सबसे बड़े बलिदान का सम्मान करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह सिर्फ सेंसरशिप नहीं, यह हमारी कलेक्टिव मेमोरी, सच्चाई और बोलने की आजादी पर हमला ह,मैं इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं. पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का हक़ है, न कि दबाने का।

ऐसी कहानी कही जाए जिससे समाज में भाईचारा और एकता प्रभावित न हो : अमन अरोड़ा

पंजाब सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अमन अरोड़ा ने कहा कि फिल्म कथित फर्जी मुठभेड़ों पर आधारित बताई जा रही है और इतिहास के तथ्यों को सामने लाना जरूरी है, लेकिन उन्हें ऐसे तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिससे समाज में भाईचारा और एकता प्रभावित न हो।

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की है कहानी

फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और गुप्त अंतिम संस्कारों के मामलों को उजागर किया था। 1952 में अमृतसर जिले के खालरा गांव में जन्मे खालड़ा पहले बैंक कर्मचारी थे, लेकिन बाद में पूर्णकालिक सामाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता बन गए। फिल्म का मूल नाम पंजाब 95 था। इसे 022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास प्रमाणन के लिए भेजा गया था, लेकिन यह करीब तीन वर्षों तक प्रक्रिया में अटका रहा। निर्माताओं का आरोप था कि सतलुज ने फिल्म में 127 कट लगाने की मांग की थी। अंतत: फिल्म 3 जुलाई को सतलुज नाम से जी 5 पर रिलीज हुई और इसे दर्शकों तथा समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

नोएडा से लखनऊ तक 58 जिलों में बारिश की चेतावनी

कई जगह जमकर बरसा पानी, प्रदेश में उमस भरी गर्मी से मिली राहत

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून धीमी गति से आगे बढ़ रहा हैं। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिली, जिससे लोगों को उमस भरी और चिपचिपी गर्मी से थोड़ी राहत मिली हैं। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 58 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी हैं। आने वाले दिनों में मानसून की रफ़्तार में और तेजी आएगी। यूपी में मानसून की एंट्री के बाद भी लोग झमाझम बारिश के लिए तरस रहे हैं। ज़्यादातर जगहों पर हल्की-फुल्की बारिश ही हो रही हैं, जिससे लोगों को तीखी धूप और उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ रही है।
मौसम विभाग ने आज 6 जुलाई सोमवार को भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान आगरा, लखनऊ से लेकर वाराणसी और प्रयागराज में भी गरज चमक के साथ बारिश होगी। राजधानी लखनऊ में सुबह से आंशिक तौर पर बादल छाए हैं। दोपहर के बाद यहां कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है। अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज व आसपास के इलाकों में भी आज बारिश के आसार बन रहे हैं। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ में आज मानसून की गतिविधियां बनी रहेगी, कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी 7 और 8 जुलाई को मानसून में तेजी आएगी और 9 जुलाई से प्रदेश में झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

महाराष्टï्र व गुजरात में पानी ही पानी, मुंबई में चॉल गिरने से छह की मौत

उधर महाराष्ट्र व गुजरात में लगातार भारी बारिश जारी है। इसके कारण मुंबई में दो जगह भूस्खलन हुआ।मलबे में लोग दबे हुए हैं। बचाव के लिए एनडीआरएफ रवाना हो चुकी है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे और पुराना हाइवे भी बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं, भारी बारिश देखते हुए कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गईं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मानखुर्द इलाके में चॉल गिरने की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले छह लोगों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह हादसा रविवार रात भारी बारिश के बीच मंडाला इलाके में हुआ, जब तीन मंजिला चॉल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, 7० से 8० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट को रेड अलर्ट में बदला गया।

विपक्ष से विहिप की मंाग बेतुकी है, उतनी ही बेशर्मी भरी: वेणुगोपाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष सरकार और हिंदू संगठनों पर हमलावर है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार (6 जुलाई) को एक लंबा पोस्ट कर विश्व हिंदू परिषद को घेरा है।
उन्होंने कहा कि चोरी मामले में विपक्षी नेताओं पर हमला करने वाला बीएचपी का लेटर उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत जैसा है। केसी वेणुगोपाल ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि आखिरकार मंदिर ट्रस्ट का गठन पीएम मोदी ने किया था। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, वीएचपी के उपाध्यक्ष और आरएसएस प्रचारक भी हैं।

 

करूर भगदड़ मामले में डीएमके की सुप्रीम कोर्ट में याचिका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। करूर भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई की मांग की गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि टीवीके के कुछ मंत्री, जो इस मामले में आरोपी हैं कथित तौर पर गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
वकील ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चल रही है इसलिए गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। बता दें कि करूर भगदड़ मामले में ष्ठरू्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है और मुख्यमंत्री विजय और मंत्रियों की बयानबाजी रोकने की मांग की है। इसके साथ ही खुद को पक्षकार बनाने की भी मांग की गई है। द्रविड़ मुनेत्र कडग़म के संगठन सचिव आरएस भारती ने करूर भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर खुद को पक्षकार बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, मंत्री आधव अर्जुन और मामले के अन्य आरोपियों को चल रही जांच पर सार्वजनिक बयान देने से रोका जाए।

भाजपा को हराने में तेजस्वी मदद करें: प्रशांत

जनसुराज प्रमुख ने बांकीपुर विस उपचुनाव के लिए तेजस्वी से बोले
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर ने बीजेपी के गढ़ को भेदने के लिए एक बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए तेजस्वी यादव के महागठबंधन से समर्थन मांगा है। उन्होंने जाति-धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर, बिहार में बदलाव के लिए अपने पक्ष में वोट करने की अपील की है।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव ने राज्य के सियासी पारे को बढ़ा दिया है। जन सुराज पार्टी की ओर से खुद को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद प्रशांत किशोर ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। चुनावी मैदान में उतरते ही उन्होंने विपक्षी महागठबंधन (आरजेडी और कांग्रेस) के सामने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। प्रशांत किशोर ने खुले मंच से तेजस्वी यादव और उनके सहयोगी दलों से मदद की गुहार लगाई है।
उन्होंने गठबंधन से अनुरोध किया है कि वे इस चुनाव में जाति और मजहब के पुराने बंधनों को तोडक़र जन सुराज का साथ दें।बांकीपुर सीट से अपनी उम्मीदवारी तय होने के बाद प्रशांत किशोर काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से जन सुराज ही उनकी जिंदगी, उनका घर और एकमात्र मिशन रहा है। पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, वे उसे पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। पीके ने दावा किया कि यदि बांकीपुर की जनता का आशीर्वाद उन्हें मिला, तो वे यह चुनाव जरूर जीतेंगे। इससे उनकी पार्टी का हौसला बढ़ेगा और बिहार में बदलाव की शुरुआत होगी। बांकीपुर सीट को पारंपरिक रूप से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है।

इस गढ़ को भेदने के लिए प्रशांत किशोर ने विरोधियों से ही समर्थन मांग लिया है। पीके चाहते हैं कि महागठबंधन अपने पारंपरिक वोट बैंक के समीकरणों से ऊपर उठकर, बीजेपी को हराने के लिए उन्हें एक मजबूत विकल्प के रूप में समर्थन दे। उन्होंने मतदाताओं से वादा किया कि अगर वे जीतकर विधानसभा पहुंचते हैं, तो बिना किसी डर के सिर्फ जनता की आवाज उठाएंगे। उन्होंने अपील की कि लोग पार्टी लाइन से अलग हटकर सिर्फ काम करने वाले चेहरे को वोट दें।

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