यूपी बजट सत्र में सपा का सीएम योगी पर प्रहार

- अभिभाषण में झूठे आंकड़े पेश कर रही सरकार
- सपा विधायक ने खुद को जंजीरों में बांधकर किया विरोध प्रदर्शन
- महाकुंभ व बेरोजगारी को लेकर सपा ने किया हमला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू हो गया। यह सत्र पांच मार्च तक चलेगा। इसकी शुरुआत राज्पाल के अभिभाषण से हुई। सदन शुरू होते ही विपक्ष ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला। सदन में ज्यादा शोरशराबे की वजह से एकबार कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित की। वंदे मातरम गीत के गायन के साथ सदन की कार्यवाही पुन: शुरू की गई।
प्रमुख विपक्षी दल सपा ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला करते हुए महाकुं भ में हो रही अव्यस्था को लेकर हंगामा किया। इससे पहले सपा ने विधान भवन के सामने भी धरना प्रदर्शन किया। सत्र के पहले ही दिन सपा ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों के साथ हुई बैठक में सभी से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों पर स्वस्थ और सकारात्मक चर्चा हो।
आमजन के बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं विपक्ष के लोग : योगी
सीएम ने कहा कि ये लोग अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहते हैं। आमजन के बच्चों को कहते हैं, उर्दू पढि़ए। ये उनके बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं। सीएम ने कहा कि विपक्ष हर अच्छे काम का विरोध करता है। विपक्ष को समाज के सामने एक्सपोज कराना चाहिए। सीएम ने कहा कि भाषा की लड़ाई चल रही है। विपक्ष ने क्षेत्रीय भाषाओं का अपमान किया। हमारी सरकार भोजपुरी के लिए बोर्ड बना रही है। अवधी के लिए बोर्ड बना रही है।
राज्यपाल आधा भाषण छोड़कर चली गईं : माता प्रसाद पांडे
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा नेता माता प्रसाद पांडे ने बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा कि उनके अभिभाषण में जो पढ़ा जा रहा था, समाजवादी पार्टी ने उसका विरोध किया। क्योंकि, उसमें झूठे आंकड़े दिए गए थे। मांग हो रही थी कि महाकुंभ की भगदड़ में जो मौतें हो रही हैं, उसके सही आंकड़ों को बताया जाए। राज्यपाल आधा भाषण छोड़कर चली गईं। हमें लगता है कि वे महाकुंभ में हुई घटनाओं से दुखी थीं, इसलिए उन्होंने पूरे भाषण को पढ़ा ही नहीं।
आस्था से खिलवाड़ कर रही भाजपा : शिवपाल
सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि महाकुंभ के नाम पर भाजपा ने लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। शास्त्रों में 144 साल बाद महाकुंभ का कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है। ये लोग सनातन धर्म का दिखावा करके लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। सरकारी पैसे का दुरुपयोग पीआर के लिए किया गया है। ऐसी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।
विपक्ष का आचरण गैर-जिम्मेदाराना : केशव
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा कि विपक्ष का आचरण गैर-जिम्मेदाराना है। राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से प्रदेश में जो सरकार काम कर रही है, उसकी जानकारी दी जाती है। समाजवादी पार्टी का आचरण सदा ऐसा ही रहा है कि वे महामहिम राज्यपाल का आदर करने के बजाय हल्लाबोल करते हैं। समाजवादी पार्टी ने यह दिखा दिया कि वे एक जिम्मेदार राजनीतिक दल कम और अराजकता फैलाने वाला दल ज्यादा है।
रोजगार नहीं दे पा रही सरकार : अतुल प्रधान
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के बाहर खुद को जंजीरों में बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है। इसलिए, लोग डंकी रूट से विदेश जा रहे हैं। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि आने वाले समय में किसी भारतीय प्रवासी को हथकडिय़ों में निर्वासित न किया जाए।
अभिभाषण शुरू होते ही शुरू हो गया हंगामा
वहीं, बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सत्र के प्रारंभ अपने अभिभाषण को पूरा नहीं पढ़ सकीं। उनके अभिभाषण के दौरान विपक्ष के लोग राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाते रहे। सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इस व्यवहार की निंदा की। यूपी के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष का रवैया बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना है।
सत्र शुरू होने से पहले विस अध्यक्ष ने की बैठक
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों से कहा कि जनहित के मुद्दों को सदन में रखें और स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश में विकास को गति देने में सहयोग करें। अध्यक्ष ने भी सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों का सहयोग मांगा। वहीं, विपक्ष ने सदन में सरकार को घेरने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। इससे प्रदेश का विकास भी होता है और जनता की समस्याओं का समाधान भी। जनता मुद्दों पर सदन में सुचारु रूप से चर्चा होनी चाहिए। सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसका ध्यान सभी को रखना चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, सत्र को सुचारू रूप से चलाना न केवल सरकार की जिम्मेदारी है, बल्कि विपक्ष की भी जिम्मेदारी है। यदि विपक्ष सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाने में मदद करता है, तो मेरा अनुमान है कि यह एक बहुत अच्छा सत्र हो सकता है।