अजब-गजब: यूपी के सुशासन की खुली पोल
फरियाद लेकर पहुंचा कागजों में मुर्दा किसान, महमूदाबाद तहसील क्षेत्र का है मामला

किसान ने जिलाधिकारी को प्रेषित किया प्रार्थना पत्र
28 बीघा पैतृक भूमि की वरासत चार भतीजों के नाम दर्ज होने का दावा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क/ वली चौधरी
सीतापुर। यूपी की योगी सरकार सुशासन की बाते करती हैं पर सीतापुर जिले के गांजरी इलाके में अलग कहानी है। कभी कागज़़ की कश्ती है कभी बारिश का पानी है। इस बार न बारिश है न ही कागज की कश्ती। इस बार कागजों के खेल से कई लोग परेशान और हलकान हो गए हैं। गांजर के किसानों की तस्वीर भी बाढ़ के पानी की थपेडों की तरह है। एक किसान को कागज़़ों पर मुर्दा दिखा दिया गया। जबकि वो ज़िंदा तहसील प्रशासन के चक्कर लगाने वाले किसान ने परेशान होकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है।
मामला महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्र के दुर्गापुर गांव से जुड़ा हुआ है। महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के दुर्गापुर मजरा हरिहरपुर निवासी परसराम पुत्र पराग ने आरोप लगाया है कि उनके पिता पराग की मृत्यु के बाद करीब 28 बीघा पैतृक भूमि का बंटवारा हुआ था। उनके भाई बनवारी के चार पुत्र हैं। करीब दस वर्ष पूर्व बनवारी की भी मृत्यु हो चुकी है। परसराम का कहना है कि वह गाटा संख्या 2०5(ख), 178, 162, 2०7, 193 और 148 स्थित भूमि में सहखातेदार एवं भूमिधर हैं।
आरोप है कि भाई बनवारी की मृत्यु के बाद उनके चारों पुत्रों ने वरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन किया। आरोप है कि इसी दौरान राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें अभिलेखों में मृत दर्शा दिया। इसके बाद उनके हिस्से की भूमि भी चारों भतीजों के नाम वरासत में दर्ज कर दी गई। इनका दावा है कि तहसील प्रशासन में एसडीएम, तहसीलदार से कई बार शिकायत कि मगर कहीं से कोई राहत नहीं मिली। थक हार कर कई माह बाद परसराम ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से दावा किया गया है कि किसान ज़िंदा है, उसके हिस्से में लगभग 14 बीघा भूमि है, जिसपर उसका अधिकार है। उसके बवाजूद भी अभिलेखों में हेरफेर करते हुए उसे मृत दिखाया गया है।

आरोप पूरी तरह निराधार हैं। वरासत की प्रक्रिया लेखपाल के पोर्टल से संचालित होती है, कानूनगो सीधे वरासत नहीं करता। संभवत: गाटा संख्या चिह्नित करने में तकनीकी त्रुटि हुई है। शिकायतकर्ता से दो-तीन दिन का समय मांगा गया है। दुरुस्तीकरण की कार्रवाई जारी है और जल्द रिकॉर्ड सही कर दिया जाएगा।- वीरेंद्र सिंह, राजस्व निरीक्षक
शिकायत की जांच कराई जा रही है। यदि राजस्व अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता पाई जाती है तो उसे नियमानुसार ठीक कराया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।-अंजली सिंह, एसडीएम महमूदाबाद
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अदालत ही तय करेगी कि असली टीएमसी कौन: सुदीप बंदोपाध्याय
बोले बागी सांसद- अगर पार्टी के दो-तिहाई सांसद पार्टी छोड़ देते हैं, तो यह संवैधानिक रूप से जायज है
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। बागी तृणमूल कांग्रेस नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि अदालत ही तय करेगी कि असली टीएमसी कौन है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अगर पार्टी के दो-तिहाई सांसद पार्टी छोड़ देते हैं, तो यह संवैधानिक रूप से जायज़ है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे हालात में इसे धोखा नहीं माना जाएगा। टीएमसी के 2० बागी सांसदों ने नेशनल सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया में विलय करने और केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) का समर्थन करने का इरादा ज़ाहिर किया है।
उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाक़ात की और तृणमूल कांग्रेस से अलग अपनी पहचान को मान्यता देने का अनुरोध किया। बंद्योपाध्याय ने पत्रकारों से कहा कि कुल 2० लोकसभा सांसद हैं… अगर 2/3 सांसद अलग हो रहे हैं, तो यह धोखा नहीं है। देश का संविधान इसकी इजाज़त देता है। लोकसभा भी इसकी इजाज़त देती है। अगर संख्या 2/3 से कम होती, तो यह धोखा होता… असली टीएमसी कौन है, इसका फ़ैसला कोर्ट करेगा। एक और बागी सांसद, रचना बनर्जी ने कहा कि वे हमेशा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सम्मान करेंगी, लेकिन उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्रों में काम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और टीएमसी के 15 साल के शासनकाल में आने वाली मुश्किलों का जिक्र किया। विलय के दस्तावेज़ पर दस्तख़त करने के लिए विदेश से लौटीं बनर्जी ने माना कि वोट दीदी (ममता बनर्जी) की वजह से मिले थे, लेकिन साथ ही इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वोटर विकास की उम्मीद करते हैं। सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हम ममता बनर्जी के खिलाफ़ कभी बगावत नहीं कर सकते और उनके मन में हमेशा उनके लिए सम्मान रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और बीजेपी सरकार के कामकाज की रफ़्तार की तारीफ़ करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होने से काम करना आसान होगा।
दिल्ली हाईकोर्ट की चौखट पर टेलीग्राम
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आगामी 21 जून को होने वाले नीट-यूजी री-टेस्ट (दोबारा परीक्षा) से ठीक पहले, केंद्र सरकार ने पेपर लीक और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (टेलीग्राम) को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार के इस कड़े कदम के खिलाफ टेलीग्राम कंपनी ने सीधे दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है।
यह मामला जस्टिस तेजस करिया की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है, जिस पर अदालत ने आज ही विस्तार से सुनवाई करने की सहमति दे दी है। परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक विवाद की जांच वर्तमान में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) कर रही है। सीबीआई की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र को पीडीएफ फॉर्मेट में सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर धड़ल्ले से सर्कुलेट किया गया था, जिससे परीक्षा की शुचिता और निष्पक्षता पूरी तरह प्रभावित हुई। आगामी री-टेस्ट में सुरक्षा की किसी भी तरह की दोबारा चूक या अनधिकृत परीक्षा सामग्री को फैलने से रोकने के लिए, केंद्र सरकार ने सुरक्षात्मक उपाय के तौर पर टेलीग्राम पर यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट का बंगाल के स्पीकर को फटकार
बोली अदालत टीएमसी के नाम को नजरअंदाज कैसे किया, नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत की नियुक्ति पर पूछे तीखे सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति का विवाद कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस से कई सवाल पूछे हैं कि क्या अध्यक्ष बहुमत वाले दल के प्रस्ताव को नजरअंदाज कर सकते हैं और क्या वह दोनों पक्षों को सुने बगैर नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति कर सकते हैं।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की तरफ से दो नाम विधानसभा अध्यक्ष को मिले, एक नाम पार्टी के बागी विधायकों ने भेजा, जबकि दूसरा नाम पार्टी नेतृत्व की तरफ से भेजा गया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सवाल उठाया है कि अगर नेता प्रतिपक्ष के लिए एक ही राजनीतिक दल से दो अलग-अलग प्रस्ताव मिलें तो विधानसभा अध्यक्ष को कौन सी प्रक्रिया अपनानी चाहिए. पश्चिम बंगाल विधानसभा में इस तरह का विवाद पहली बार अदालत के समक्ष आया है। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु ने बागी गुट की ओर से भेजे गए ऋतब्रत बनर्जी के नाम का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, जिसे कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एडवोकेट बिल्वदल भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला है, जब नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति विवाद का विषय बनी है, कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
वडोदरा में बड़ा सडक़ा हादसा, जरोद हाईवे पर ट्रक में जा घुसी स्लीपर बस, 6 लोगों की मौत और 31 घायल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वडोदरा। वडोदरा-जरोद रोड पर आज सुबह-सुबह एक बेहद दर्दनाक और भीषण सडक़ हादसा हो गया। कोटंबी गांव के पास हाईवे पर एक लक्जरी बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार करीब 31 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह हादसा आज तडक़े (सुबह-सुबह) हुआ। हाईवे से गुजर रही एक लक्जरी बस अचानक आगे चल रहे एक ट्रक के पिछले हिस्से में बेहद तेजी से जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस जोरदार टक्कर की वजह से बस के अंदर बैठे 6 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। हादसे के वक्त बस में चीख-पुकार मच गई। टक्कर के कारण 31 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं।
एक्सीडेंट की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत वडोदरा के प्रसिद्ध सयाजी अस्पताल ले जाया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया।
रायपुर एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, दिल्ली से आ रही एअर इंडिया फ्लाइट से पक्षी टकराया
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह एअर इंडिया की दिल्ली-रायपुर उड़ान बर्ड हिट की चपेट में आ गई। विमान की लैंडिंग के दौरान पक्षी टकराने की घटना हुई, जिसके बाद एहतियात के तौर पर विमान का तकनीकी निरीक्षण किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार एअर इंडिया की फ्लाइट सुबह 8.15 बजे रायपुर पहुंचने वाली थी। विमान ने सुबह करीब 8:08 बजे रायपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, इसी दौरान विमान से पक्षी के टकराने की घटना हुई। बर्ड हिट की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट और एयरलाइन प्रबंधन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान का विस्तृत तकनीकी परीक्षण शुरू कराया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यही विमान सुबह 8.55 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होने वाला था, लेकिन तकनीकी जांच और सुरक्षा मंजूरी मिलने तक उड़ान को रोके रखा गया। करीब ढाई घंटे तक चले निरीक्षण के बाद विमान को उड़ान के लिए फिट घोषित किया गया।
नीतीश की वजह से सब परेशानी हो रही है: लालू
बंगला और सुरक्षा कटौती विवाद के बीच राजद प्रमुख बरसे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने अपनी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती तथा सरकारी आवास विवाद को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर किया गया है।
लालू प्रसाद ने कहा कि उनकी और राबड़ी देवी की सुरक्षा कम कर दी गई है। जब उनसे इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि इसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका है। दरअसल, एक दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से सरकार को पत्र भेजकर 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रहने की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। उनके सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में आग्रह किया गया है कि जब तक राबड़ी देवी बिहार विधान परिषद की सदस्य हैं, तब तक उन्हें उसी आवास में रहने की अनुमति दी जाए। राबड़ी देवी का विधान परिषद सदस्य के रूप में कार्यकाल 6 मई 2०3० तक है। वहीं, भवन निर्माण विभाग की ओर से बंगला खाली करने के लिए निर्धारित समय-सीमा 15 जून को समाप्त हो चुकी है। ऐसे में नियमों के अनुसार प्रशासन आगे की कार्रवाई कर सकता है।
जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण विभाग की ओर से राबड़ी देवी को यह तीसरा नोटिस जारी किया गया था। इससे पहले नवंबर 25 में भी उन्हें नोटिस भेजा गया था। उसमें नेता प्रतिपक्ष के तौर पर आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होने का निर्देश दिया गया था।सूत्रों की मानें तो लालू परिवार ने नए आवास में शिफ्ट होने की तैयारी भी शुरू कर दी है।



