सुरेंद्रनगर में खेत बचाने उतरे किसान, पुलिस कार्रवाई पर भड़के प्रवीण राम, BJP पर बड़ा हमला

गुजरात के सुरेंद्रनगर में किसानों के विरोध ने बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है... खेत बचाने उतरे किसानों के बीच पुलिस कार्रवाई को लेकर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा तालुका के कोंध गांव में एक बार फिर किसान-सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन गई है.. किसान बिजली की हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन को अपने खेतों से गुजरने से रोकने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे.. लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.. किसानों का आरोप है कि यह सरकार के इशारे पर किया गया दमन है.. गुजरात फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष और किसान नेता प्रवीणभाई राम ने इस घटना पर सरकार की जमकर आलोचना की है..

जानकारी के मुताबिक ध्रांगध्रा तालुका के कोंध गांव में पावर ग्रिड कंपनी बिजली की लाइन बिछाने का काम कर रही थी.. कंपनी के कर्मचारी पुलिस की सुरक्षा में खेतों में बिजली के खंभे गाड़ने पहुंचे.. किसानों ने इसका विरोध किया.. उनका कहना था कि बिना सही मुआवजे.. और बातचीत के उनकी उपजाऊ जमीन पर लाइन डालना उनके हित में नहीं है..

किसान शांतिपूर्ण तरीके से खेतों में खड़े हो गए और काम रोकने की कोशिश की.. उन्होंने नारे लगाए और कंपनी के अधिकारियों से बात करने की मांग की.. लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की.. नतीजा यह हुआ कि लगभग 44 किसानों को हिरासत में ले लिया गया.. वहीं इस घटना से पूरे इलाके में तनाव फैल गया..

किसानों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर दबाव डाला, धक्का-मुक्की की.. और जबरन हिरासत में लिया.. महिलाएं और बुजुर्ग भी प्रदर्शन में शामिल थे.. लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी.. प्रवीणभाई राम गुजरात के प्रमुख किसान नेताओं में से एक हैं.. वे गुजरात फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष हैं.. और आम आदमी पार्टी से भी जुड़े रहे हैं.. उन्होंने इस घटना पर तीखा हमला बोला है..

प्रवीणभाई ने कहा कि यह शर्मनाक घटना है.. किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जमीन बचाने के लिए खड़े हुए थे.. सरकार के इशारे पर पुलिस ने उनका दमन किया.. गुजरात में किसानों को दबाने की नीति चल रही है.. हम चुप नहीं बैठेंगे.. सभी प्रभावित किसानों को रिहा करो और उनकी मांगों पर बात करो..

और उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ कोंध गांव की समस्या नहीं है.. पूरे गुजरात में पावर ग्रिड की लाइनों के नाम पर किसानों की जमीन जबरन ली जा रही है.. मुआवजा बहुत कम दिया जा रहा है.. जहां पहले 1 लाख रुपये प्रति पोल मुआवजा मिलता था.. वहीं अब 50 हजार रुपये या उससे भी कम दिया जा रहा है..

प्रवीणभाई राम ने सरकार पर आरोप लगाया कि विकास के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है.. और उन्होंने कहा कि बिजली लाइन जरूरी है.. लेकिन किसान की रोटी भी जरूरी है.. अगर सरकार सही मुआवजा, फसल नुकसान का पूरा पैसा.. और वैकल्पिक रास्ता नहीं देगी, तो हम आंदोलन तेज करेंगे..

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे एकजुट रहें.. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो पूरे गुजरात के किसान सुरेंद्रनगर पहुंचेंगे.. खेतों में पोल गाड़ने और लाइन गुजरने से फसल प्रभावित होती है.. जमीन का एक हिस्सा हमेशा के लिए खराब हो जाता है.. लेकिन मुआवजा बहुत कम है.. किसानों का कहना है कि उनसे कोई बातचीत नहीं की गई.. अचानक पुलिस के साथ आकर काम शुरू कर दिया गया..

किसानों का कहना है कि लाइन के नीचे खेती करना मुश्किल हो जाता है.. ऊंची वोल्टेज वाली लाइन से स्वास्थ्य को भी खतरा बताया जाता है.. पहले के प्रोजेक्ट्स में अच्छा मुआवजा मिला था.. लेकिन अब कम दिया जा रहा है.. एक किसान ने बताया कि हमारी जमीन हमारी मां है.. इसे बचाने के लिए हम जान दे देंगे.. लेकिन जमीन नहीं देंगे..

सरकार का कहना है कि ये हाई वोल्टेज लाइनें कच्छ के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से बिजली को दूसरे इलाकों में पहुंचाने के लिए जरूरी हैं.. गुजरात में सोलर और विंड पावर तेजी से बढ़ रही है.. इसलिए ट्रांसमिशन लाइनों की जरूरत है.. लेकिन किसान पूछते हैं कि विकास तो अच्छा है.. मगर इसका बोझ सिर्फ किसान ही क्यों उठाए.. मुआवजा ठीक से क्यों नहीं दिया जाता..

 

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