‘elected नहीं, selected CM हैं’, Bihar विधानसभा में Tejashwi Yadav का NDA सरकार पर तीखा तंज

आरजेडी नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मौजूदा राजनीतिक स्थिति के कारणों पर सवाल उठाए। विशेष सत्र में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर भाजपा ने अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पहले ही घोषित कर दिया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। उन्होंने तर्क दिया कि अगर पार्टी ने पहले ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए होते तो बहुमत साबित करने के लिए एक दिवसीय सत्र बुलाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
तेजस्वी ने कहा कि अगर भाजपा ने पहले ही कह दिया होता कि उसका मुख्यमंत्री पदभार संभालेगा, तो आज की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान लगाए गए नारों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को दर्शाया था। जेडीयू के चुनावी नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमने ‘2025 से 30, फिर से नीतीश’ जैसे नारे देखे। लेकिन हम जानते थे कि भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने देगी। भाजपा ने नीतीश कुमार का खेल खत्म कर दिया है।
उनके इस बयान पर सदन के सदस्यों ने बीच-बीच में टोका-टोकी की, जो कार्यवाही के दौरान व्याप्त राजनीतिक माहौल को दर्शाता है। तेजस्वी ने राज्य में व्याप्त राजनीतिक अस्थिरता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में थोड़े ही समय में कई बार सरकारें बदली हैं। उन्होंने पूछा कि विकास के लिए सरकार को स्थिरता की आवश्यकता होती है। बिहार में जो हो रहा है वह अभूतपूर्व है – पांच साल में पांच सरकारें। 21 साल तक शासन करने के बाद भी एनडीए को पांच साल में पांच बार सरकार क्यों बनानी पड़ रही है?
तेजस्वी ने तीखे शब्दों में सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्हें चुने हुए मुख्यमंत्री से चुने हुए मुख्यमंत्री के पद तक के परिवर्तन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित नेतृत्व को बदलने का “संकल्प” पूरा हो चुका है और चौधरी की राजनीतिक यात्रा अभी भी रुचि का विषय है।



