मुरादाबाद: घर में घुसा तेंदुआ, 2 साल की बच्ची को जबड़े में दबाकर गन्ने के खेत में ले गया

मुरादाबाद के कांठ इलाके में आदमखोर तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। 24 घंटे के अंदर दूसरी दो साल की बच्ची पर हमला कर उसे गन्ने के खेत में घसीट ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया। बच्ची की हालत गंभीर है और गांव में दहशत का माहौल है।

4pm न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में इन दिनों एक आदमखोर तेंदुए ने लोगों की नींद उड़ा दी है। बीते 24 घंटे के अंदर तेंदुए ने दूसरी मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। दबे पांव घर में घुसे तेंदुए ने दो साल की बच्ची को जबड़े में दबाया और घसीटते हुए पास के गन्ने के खेत की ओर ले गया। परिजनों की नजर पड़ते ही गांव में हड़कंप मच गया। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया, लेकिन इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है।

आंगन में सो रही थी मासूम, तभी अचानक हुआ हमला

यह घटना मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र के मिश्रीपुर गांव की है। बच्ची के पिता अवनीश कुमार के मुताबिक वह काम से घर लौटे ही थे कि अचानक आंगन में सो रही अपनी दो साल की बेटी की तेज चीख सुनाई दी। जब वह दौड़कर बाहर पहुंचे तो देखा कि एक तेंदुआ उनकी बच्ची को जबड़े में दबाकर भाग रहा है। उन्होंने तुरंत शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी लाठी-डंडा लेकर बाहर निकल आए और तेंदुए के पीछे खेतों की ओर दौड़ पड़े।

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गन्ने के खेत में छोड़कर भागा तेंदुआ

गांव के लोगों ने हल्ला मचाते हुए गन्ने के खेत की घेराबंदी कर दी। इतने लोगों को देखकर तेंदुआ घबरा गया और बच्ची को वहीं छोड़कर जंगल की तरफ भाग निकला। इसके बाद परिजनों ने तुरंत बच्ची को उठाया और इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है। लोग रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं।

24 घंटे में दूसरी घटना से बढ़ी दहशत

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे करीब 24 घंटे पहले भी इसी तेंदुए ने महदूद कलमी गांव में दो साल की बच्ची सिदरा नूर पर हमला किया था। तेंदुआ घर में घुस आया था और बच्ची को निशाना बनाया था। लगातार दो दिनों में दो मासूम बच्चों पर हुए हमले के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।

गांव में रात-रात भर पहरा दे रहे लोग

तेंदुए के डर से गांव के लोग अब रात में सोने से भी डर रहे हैं। कई जगह लोग हाथों में लाठी लेकर पहरा दे रहे हैं ताकि किसी और पर हमला न हो। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक खतरा बना रहेगा। लोगों ने वन विभाग से इलाके में पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।

वन विभाग और पुलिस की तलाश जारी

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने आसपास के खेतों में कई घंटे तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। वन विभाग का कहना है कि इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है और तेंदुए को पकड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

बच्ची की हालत नाजुक

घायल बच्ची को पहले कांठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर सुंदर कुमार पाल के मुताबिक बच्ची के सिर में गहरे जख्म हैं और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को प्राथमिक इलाज के साथ एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिया गया है। सिर में लगी चोट काफी संवेदनशील है, इसलिए सर्जन को भी तुरंत बुलाया गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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