“गांव लूटकर खा गए प्रधान-सचिव!” भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ कूच पर निकले बाँदा के ग्रामीण

बाँदा के बहेरी गांव में ग्राम प्रधान और सचिव पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने लखनऊ तक पैदल कूच शुरू किया। विकास कार्यों में फर्जीवाड़े और धमकी के आरोपों से गांव में आक्रोश फैल गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बाँदा जिले के नरैनी तहसील क्षेत्र के बहेरी गांव में भ्रष्टाचार के आरोपों ने अब बड़ा जनआंदोलन का रूप ले लिया है। गांव में विकास के नाम पर हुए कथित घोटालों से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए लखनऊ तक पैदल कूच शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वर्षों से शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अब वे सीधे मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने निकल पड़े हैं। यह मामला सिर्फ एक गांव की शिकायत नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण प्रशासन और पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

विकास के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022 से लगातार शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल बनाए गए और कागजों में काम दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, जमीनी हकीकत यह है कि गांव की सड़कें टूटी हुई हैं, मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च दिखा दिए गए हैं।

महिला ने लगाए गंभीर आरोप, गांव में बढ़ा तनाव

इस पूरे मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब गांव की महिला सतरूपा ने ग्राम प्रधान अमर यादव पर जमीन कब्जाने और विरोध करने पर तमंचा दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि गांव के लोग डर और दबाव में जी रहे हैं, लेकिन अब वे चुप नहीं बैठेंगे। इन आरोपों के बाद गांव में तनाव और बढ़ गया है और लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, फिर लखनऊ कूच

गुस्साए ग्रामीण पहले पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने हाथों में शिकायत पत्र और भ्रष्टाचार विरोधी नारे लेकर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद ग्रामीणों का जत्था लखनऊ के लिए रवाना हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री स्तर पर भी निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रशासन पर बढ़ता दबाव

इस घटना ने जिला प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना कई गंभीर सवालों को जन्म देता है। अब यह पैदल यात्रा सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ विश्वास की लड़ाई बन चुकी है, जिसमें ग्रामीण न्याय की उम्मीद लेकर राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं।

रिपोर्ट -इक़बाल खान

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