ट्रंप के बयान के बाद फिर मचेगा घमासान, मुहतोड़ जवाब देगा ईरान

मिडिल ईस्ट की जंग का 31वंा दिन : ईरान व अमेरिका-इजरायल में एक दूसरे पर हमले जारी

अमेरिका का ग्राउंड ऑपरेशन करने पर विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का खर्ग द्वीप व एनरिच्ड यूरेनियम पर नजर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ीं जंग का आज 31वां दिन है। रविवार को ईरान के कुवैत में किए गए हमले में एक भारतीय की मौत हो गई। वहीं पूरे अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लोग सडक़ों पर आ गए हंै। इसी क साथ कुछ नेताओं के मतभेद भी सामने आने लगे हैं। इस बीच ट्रंप के ईरान के तेल और खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की नजर है वाले फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू से भी बवाल मच गया है। वहीं डोनल्ड ट्रंप ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन करने पर विचार रहे हैं। उधर अमेरिका को दस दिन छूट वाली बात को नकारते ईरान व इजरायल एक-दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं।
एक अप्रैल से हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन यानी एटीएपफ के नए दाम लागू होंगे और इस बार संकेत अच्छे नहीं नजर आ रहे हैं। कच्चे तेल के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दामों ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि दबाव बढऩे वाला है। हर महीने एक तारीख को ही इसके दाम अपडेट होते है तो पिछले महीने जंग की शुरुआत में 1 मार्च में जंग का असर नहीं दिखा था पर अब स्थिति अलग हो चुकी है। आज भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम पहले से ऊपर हैं।

ईरान की पेट्रोकेमिकल कंपनी पर अमेरिका-इजरायल का हमला

ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, आज सुबह (31 मार्च) को तब्रीज़ पेट्रोकेमिकल कंपनी की एक इकाई को निशाना बनाकर किए गए संदिग्ध अमेरिकी-इजरायली हमले के परिणामस्वरूप आग लग गई, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया। लेबनान के दक्षिणी गांव अदशित अल-कुसैर में इस्राइली तोपखाने की गोलाबारी की चपेट में आने से इंडोनेशिया के एक शांति रक्षक की मौत हो गई। यह सैनिक संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल की इंडोनेशियाई इकाई में तैनात था। रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को हुई इस गोलाबारी में शांति सेना के कई कर्मचारी घायल हुए हैं। हमले के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र के हेलीकॉप्टर प्रभावित इलाके की ओर जाते देखे गए। यह हमला लेबनान और इस्राइल सीमा पर जारी गोलीबारी और बढ़ते तनाव के बीच हुआ है।

इजरायल ने कहा, नहीं माना ईरान तो लगाएंगे ताकत

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अमेरिका के राजनीतिक सहयोगियों को स्पष्ट संकेत दिया है कि तेहरान परमाणु सामग्री अपने पास नहीं रख सकता और उन्होंने इस बात पर चर्चा की है कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर इसे नहीं सौंपता है तो इसे ताकत के जरिए हासिल किया जाएगा। इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इजरायल के चैनल-12 को बताया कि इजरायल पहली बार ट्रंप प्रशासन को अपनी जमीन पर अमेरिकी सैन्य अड्डों के विकास का प्रस्ताव देने की योजना बना रहा है, जिसमें मध्य पूर्व के देशों में नए अड्डों का निर्माण और मौजूदा सैन्य अड्डों का स्थानांतरण शामिल है।

ईरान से यूरेनियम निकालने के लिए ट्रंप बना रहे विचार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन करने पर विचार रहे हैं। इस बात का दावा यूएस की मीडिया ने किया है। इस ऑपरेशन का मकसद लगभग 970 पाउंड (करीब 400 किलोग्राम) एनरिच्ड यूरेनियम को बाहर निकालना है, जिसका इस्तेमाल तेहरान संभावित रूप से परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी नेता के करीबी एक सूत्र के हवाले से बताया कि ट्रंप ने अपने सलाहकारों को इस बात के लिए तेहरान पर दबाव डालने को भी कहा है कि वे युद्ध खत्म करने की शर्त के तौर पर इस सामग्री को सौंपने पर सहमत हों।

हिजबुल्लाह का इजरायल पर हमला

हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर और हमलों का दावा किया है। लेबनानी आर्म्ड फोर्स का कहना है कि उसके लड़ाकों ने डोवेव गांव और गजार गांव में एक ठिकाने पर रॉकेट दागे हैं ।

जल्दी हो सकती है डील- ईरान से समझौते को लेकर ट्रंप का बयान

यूएस-इजरायल और ईरान के बीच जंग को खत्म कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इसको लेकर तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक भी हुई। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के ज़रिए ईरान के साथ इनडायरेक्ट बातचीत में प्रोग्रेस का दावा किया। उन्होंने कहा,डील काफी जल्दी हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों कोपालन करने की अपील की

संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी है। शांति रक्षकों पर जानबूझकर किए गए हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन हैं। ऐसे हमलों को युद्ध अपराध माना जा सकता है। संगठन ने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है और हिंसा तुरंत रुकनी चाहिए।

इंडोनेशिया ने घटना की निंदा की

इंडोनेशिया ने अपने सैनिक की मौत की पुष्टि की है और इस घटना की कड़ी निंदा की है। इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वे अपने शांति रक्षक की मौत और तीन अन्य के घायल होने से बेहद दुखी हैं। सरकार ने शहीद सैनिक के प्रति सम्मान व्यक्त किया और उनके परिवार के लिए प्रार्थना की। इंडोनेशिया अब संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर शहीद के पार्थिव शरीर को वापस लाने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कर रहा है।

अमेरिकी सरकार में फूट, ट्रंप ने तुलसी गबार्ड से मतभेद पर खुलकर की बात

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के मुद्दे पर उनकी सरकार के शीर्ष सहयोगियों के बीच मतभेद हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के मामले में उनसे थोड़ी नरम हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए कोई समझौता जल्द हो सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड पर भरोसा है, तो ट्रंप ने कहा, हां, बिल्कुल। डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी एयर फोर्स वन विमान में यह बात कही, जब वे फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो वाले घर पर विकेंड बिताकर वॉशिंगटन लौट रहे थे. उन्होंने गबार्ड को लेकर कहा, उनकी सोच मुझसे थोड़ी अलग है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति सेवा करने के योग्य नहीं है. मैं इस बात पर बहुत सख्त हूं कि मैं नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो, क्योंकि अगर उनके पास परमाणु हथियार होगा तो वे उसे तुरंत इस्तेमाल करेंगे। मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर वह शायद थोड़ी नरम हैं, लेकिन यह ठीक है।

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